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India Energy Security: मंगलुरु में 17.5 लाख टन का नया तेल भंडार बनाएगी ONGC, बोर्ड से मिली मंजूरी

ONGC Mangaluru SPR: ओएनजीसी को मंगलुरु में 1.75 मिलियन मीट्रिक टन क्षमता वाले नए रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार के विकास की मंजूरी मिल गई है। ऐसे में सवाल ये है कि क्या यह परियोजना भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगी?
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भारत

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Saurabh Mall

Jul 11, 2026

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तेल-गैस संकट के बीच भारत बढ़ा रहा तेल भंडारण की क्षमता (सोर्स: ANI)

ONGC Mangaluru SPR: तेल और गैस को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। ओएनजीसी को कर्नाटक के मंगलुरु में 17.5 लाख मीट्रिक टन क्षमता वाला नया रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार विकसित करने के लिए बोर्ड से मंजूरी मिल गई है। कंपनी ने शेयर बाजार को दी गई जानकारी में बताया कि यह परियोजना राष्ट्रीय महत्व की है और इसे पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार ही विकसित किया जाएगा।

पहले चरण में क्या होगा?

ओएनजीसी ने लाइसेंस फाइलिंग में बताया कि प्रस्तावित परियोजना को मंगलुरु रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार के पहले चरण के विस्तार के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके तहत तेल भंडारण के साथ आवश्यक बुनियादी ढांचा भी तैयार किया जाएगा।

कंपनी के निदेशक मंडल ने सरकार से यह भी अनुरोध करने का फैसला किया है कि पेट्रोलियम भंडार के व्यावसायिक उपयोग की संभावनाओं को बढ़ाने और आवश्यक संचालन को नियंत्रित करने के लिए निर्धारित लाइसेंस और मानक उपलब्ध कराया जाए।

भारत बढ़ रहा है तेल भंडारण क्षमता?

अमेरिका-ईरान के बीच तनाव चरम पर है। पूरी दुनिया पर तेल-गैस संकट छाया हुआ है। यही कारण है कि भारत भी इसकी तैयारियों में जुटा है। देखा जाए तो हाल के महीनों में ईरान से जुड़े तनाव के दौरान हॉर्मुज स्ट्रेट में आई बाधाओं ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित किया था। दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल और ऊर्जा आपूर्ति इसी समुद्री मार्ग से गुजरती है। इस अनुभव के बाद भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने और रणनीतिक कच्चे तेल के भंडार को बढ़ाने पर तेजी से काम कर रहा है।

फिलहाल भारत के पास मंगलुरु, पडूर (कर्नाटक) और विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश) में कुल 5.33 मिलियन मीट्रिक टन क्षमता वाले तेल भंडार हैं। इनका संचालन सरकारी कंपनी इंडियन स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व्स लिमिटेड (ISPRL) करती है।

वहीं मंगलुरु में ओएनजीसी की सहायक कंपनी मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (MRPL) की 3 लाख बैरल प्रतिदिन क्षमता वाली रिफाइनरी भी संचालित होती है। इसके अलावा मौजूदा 1.5 MMT क्षमता वाले मंगलुरु रणनीतिक भंडार का आधा हिस्सा MRPL को लीज पर दिया गया है, जबकि शेष क्षमता अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) के पास है।

वहीं भारत ओडिशा के चांदीखोल में 4 MMT और कर्नाटक के पडूर में 2.5 MMT क्षमता वाले नए रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार बनाने की भी योजना पर काम कर रहा है। हालांकि, ओएनजीसी ने अभी मंगलुरु विस्तार परियोजना की लागत और इसे पूरा करने की समयसीमा का खुलासा नहीं किया है।