
India Pakistan Afghanistan: भारत ने पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान में किए गए हवाई हमलों और सैन्य कार्रवाई की तीखी आलोचना की है। विदेश मंत्रालय ने इसे अफगानिस्तान की संप्रभुता पर सीधा हमला और क्षेत्रीय शांति व स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बताया। भारत ने हमलों में मारे गए नागरिकों के प्रति संवेदना जताते हुए अफगानिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपने समर्थन की बात कही।
विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि भारत अफगानिस्तान की सीमा के भीतर पाकिस्तान द्वारा किए गए हवाई हमलों की कड़े शब्दों में निंदा करता है। उन्होंने कहा कि इन हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित कई निर्दोष नागरिकों की मौत हुई है। रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान की यह कार्रवाई अफगानिस्तान की संप्रभुता पर हमला है और इससे पूरे क्षेत्र की शांति एवं स्थिरता को खतरा पैदा हुआ है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान का यह कदम उसकी 'लापरवाह नीति' का एक और उदाहरण है। बयान में कहा गया कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए सीमा पार हिंसक कार्रवाई का सहारा ले रहा है। भारत ने हमले में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। साथ ही अफगानिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपना अटूट समर्थन दोहराया।
भारत की प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब अफगान अधिकारियों ने दावा किया कि पाकिस्तान की ओर से रविवार रात किए गए सैन्य अभियान और हवाई हमलों में कम से कम 36 नागरिकों की मौत हो गई, जबकि 160 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
हालांकि पाकिस्तान ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह कार्रवाई उसके क्षेत्र में हुए आतंकी हमलों के जवाब में की गई। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार के मुताबिक सुरक्षा बलों ने सीमा क्षेत्र में जमीनी अभियान चलाने के बाद आतंकियों के ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिनमें 29 मारे गए।
अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने पक्तिया, पक्तिका और कुनार प्रांतों में हुए हमलों को 'कायरतापूर्ण आक्रामकता' और क्रूर कार्रवाई' बताया है। अधिकारियों ने कहा कि इस हमले का जवाब उचित समय पर दिया जाएगा। तालिबान सरकार के उप-प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत के अनुसार, पक्तिया प्रांत के चमकानी जिले में एक मकान पर किए गए हमले में एक बुजुर्ग और एक बच्चे की मौत हो गई। इसके बाद जब स्थानीय लोग राहत कार्य के लिए पहुंचे तो उसी इलाके पर दोबारा हमला किया गया, जिसमें 28 लोगों की मौत हो गई और 158 लोग घायल हुए।