
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Photo-IANS)
150 Years of Vande Mataram: आज पूरा देश आजादी की 80वीं वर्षगांठ के जश्न में डूबा है। कश्मीर की वादियों से लेकर कन्याकुमारी के तटों तक, हर तरफ देशभक्ति का उल्लास और उमंग है। इस ऐतिहासिक मौके पर मुख्य आयोजन हमेशा की तरह राजधानी दिल्ली के लाल किले पर हो रहा है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार 13वीं बार प्राचीर से तिरंगा फहराएंगे और देशवासियों को संबोधित करेंगे। इस बार के स्वतंत्रता दिवस में एक बेहद खास और भावुक पल भी जुड़ने जा रहा है। हमारे राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' के 150 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में पहली बार इसे लाल किले के मंच से औपचारिक रूप से गाया जाएगा। एनसीसी कैडेट्स और 'माई भारत' के स्वयंसेवक अपने सुरों से इस गौरवशाली गीत की शानदार प्रस्तुति देंगे।
इस राष्ट्रीय पर्व की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें ध्वजारोहण, 21 तोपों की सलामी और शानदार गार्ड ऑफ ऑनर जैसी गरिमामयी रस्में शामिल हैं। जैसे ही प्रधानमंत्री मोदी लाल किले के प्रांगण में पहुंचेंगे, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह उनका स्वागत करेंगे। इसके बाद, दिल्ली एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल राजेश सेठी प्रधानमंत्री को सैल्यूटिंग बेस तक एस्कॉर्ट करेंगे। वहां थल सेना, नौसेना, वायुसेना और दिल्ली पुलिस की एक संयुक्त टुकड़ी उन्हें सलामी देगी। इस विशेष टुकड़ी में सेना के तीनों अंगों और पुलिस बल से एक-एक अधिकारी और 24-24 जवान शामिल होंगे, जिसका प्रधानमंत्री बारीकी से निरीक्षण करेंगे।
देश के इस सबसे बड़े पर्व पर परिंदे को भी पर न मारने देने के लिए सुरक्षा के पुख्ता और अभेद्य इंतजाम किए गए हैं। लाल किले और उसके आसपास 1000 से ज्यादा अत्याधुनिक, एआई (AI) आधारित सीसीटीवी कैमरे तैनात किए गए हैं। कंट्रोल रूम में बैठे अधिकारी इन कैमरों की लाइव फीड पर पैनी नजर रखे हुए हैं ताकि भीड़ नियंत्रण और किसी भी संदिग्ध हरकत पर सेकंडों में एक्शन लिया जा सके। पिछले साल के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए तमाम सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट मोड पर हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एजेंसियों ने आपस में बेहतरीन तालमेल के साथ मॉक ड्रिल भी पूरी कर ली है। इसके अलावा, आयोजन स्थल के आसपास लोगों और वाहनों की आवाजाही को भी सख्ती से नियंत्रित किया गया है ताकि यह जश्न शांति और उत्साह के साथ संपन्न हो सके।
Updated on:
15 Aug 2026 06:55 am
Published on:
15 Aug 2026 06:51 am
