
India Engineering Exports: वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी चुनौतियों के बावजूद भारत के इंजीनियरिंग सामानों के निर्यात ने मजबूत प्रदर्शन किया है। इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (ईईपीसी) इंडिया के अनुसार, अगस्त 2026 में इंजीनियरिंग निर्यात सालाना आधार पर 24.86 प्रतिशत बढ़कर 12.32 अरब डॉलर पहुंच गया। यह लगातार पांचवां महीना है, जब इंजीनियरिंग निर्यात में सालाना आधार पर वृद्धि दर्ज की गई है।
ईईपीसी इंडिया के मुताबिक, भारत के इंजीनियरिंग उत्पादों का निर्यात शीर्ष 25 प्रमुख बाजारों में से अधिकांश में बढ़ा है। हालांकि, पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण पैदा हुई लॉजिस्टिक्स चुनौतियों का असर यूएई और सऊदी अरब को होने वाले निर्यात पर पड़ा। अमेरिका भारत के इंजीनियरिंग उत्पादों के लिए प्रमुख बाजार बना रहा। अगस्त में अमेरिका को इंजीनियरिंग निर्यात 31 प्रतिशत बढ़कर 2.20 अरब डॉलर हो गया। चीन को निर्यात भी तेजी से बढ़ा। अगस्त 2025 में 242.50 मिलियन डॉलर के मुकाबले अगस्त 2026 में यह बढ़कर 424.65 मिलियन डॉलर पहुंच गया। यह करीब 75 प्रतिशत की वृद्धि है। ब्रिटेन को इंजीनियरिंग निर्यात में 28.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं, दक्षिण कोरिया को निर्यात दोगुने से अधिक बढ़कर 466 मिलियन डॉलर हो गया। इंडोनेशिया के मामले में वृद्धि और भी तेज रही। यहां इंजीनियरिंग निर्यात 182 प्रतिशत बढ़कर 292.30 मिलियन डॉलर पहुंच गया।
ओमान को भारत का इंजीनियरिंग निर्यात अगस्त में करीब चार गुना बढ़कर 198 मिलियन डॉलर हो गया। ईईपीसी इंडिया के अनुसार, जून 2026 में लागू हुए भारत-ओमान मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) ने इस वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अगस्त में इंजीनियरिंग क्षेत्र के 34 उत्पाद समूहों में से 31 ने सालाना आधार पर सकारात्मक वृद्धि दर्ज की। इससे संकेत मिलता है कि इंजीनियरिंग निर्यात में वृद्धि किसी एक-दो उत्पादों तक सीमित नहीं रही, बल्कि कई उत्पाद श्रेणियों में व्यापक बढ़ोतरी हुई। ईईपीसी इंडिया के अध्यक्ष पंकज चड्ढा ने कहा कि प्रमुख व्यापार मार्गों में व्यवधान और भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद इंजीनियरिंग निर्यात का प्रदर्शन वैश्विक बाजारों में 'ब्रांड इंडिया' पर बढ़ते भरोसे को दिखाता है। उन्होंने कहा कि भारत को प्रमुख बाजारों में अपनी मौजूदगी और मजबूत करने के साथ नए निर्यात बाजार तलाशने और सप्लाई चेन को अधिक लचीला बनाने पर ध्यान देना चाहिए।
वित्त वर्ष 2026-27 के पहले पांच महीनों यानी अप्रैल से अगस्त के दौरान भारत का कुल इंजीनियरिंग निर्यात 58.70 अरब डॉलर रहा। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 49.10 अरब डॉलर था। इस तरह अप्रैल-अगस्त अवधि में भारत के इंजीनियरिंग निर्यात में सालाना आधार पर 19.55 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। अगस्त की वृद्धि लगातार पांचवें महीने जारी रही, जिससे वैश्विक चुनौतियों के बीच भारतीय इंजीनियरिंग क्षेत्र के निर्यात प्रदर्शन में मजबूती बनी हुई है।