
इलेक्शन कमीशन विवाद: फोटो में पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री और कांग्रेस सांसद पी. चिदंबरम (सोर्स-आईएएनएस)
CEC Gyanesh Kumar Controversy P. Chidambaram: इलेक्शन कमीशन को लेकर जारी विवाद अब और गहराता नजर आ रहा है। पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री और कांग्रेस सांसद पी. चिदंबरम ने चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग का खुलकर समर्थन किया है। चिदंबरम ने कहा कि उन्होंने पहले भी CEC के तत्काल इस्तीफे की मांग की थी और अब राहुल गांधी की इसी मांग का वह पूरा समर्थन करते हैं।
यही नहीं उन्होंने इलेक्शन कमीशन की कार्यप्रणाली और फैसले लेने के तरीके पर भी सवाल उठाए। चिदंबरम का कहना है कि इलेक्शन कमीशन एक मल्टी-मेंबर बॉडी है और फैसले आम सहमति, एकमत या बहुमत के आधार पर होने चाहिए। उनका आरोप है कि CEC अपने विचार को पूरे आयोग के फैसले के तौर पर पेश नहीं कर सकते। उन्होंने इसे कानून और संविधान के खिलाफ बताते हुए CEC से पद छोड़ने की मांग की है।
बिहार में CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस और RJD ने प्रदर्शन किया। पटना में कांग्रेस ने R-ब्लॉक से स्टेट इलेक्शन कमीशन ऑफिस तक मार्च निकाला। प्रदर्शनकारी SIR और वोटर लिस्ट से जुड़े मुद्दों का विरोध कर रहे थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की। हालात बिगड़ने पर वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया गया। कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स पर चढ़ गए थे। कांग्रेस नेताओं ने CEC के इस्तीफे और उन्हें हटाने की मांग की। पार्टी ने वोटर लिस्ट और चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए।
वहीं RJD ने भी पटना में प्रदर्शन किया। पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
प्रियंका गांधी ने ECI विवाद पर BJP को घेरा। उन्होंने कहा कि BJP को बेवजह के बहाने बनाना बंद करना चाहिए। प्रियंका ने SIR को लेकर कांग्रेस के आरोप दोहराए। उन्होंने दावा किया कि करीब 13 करोड़ वोटरों के नाम हटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पहले भी इसके बारे में सबूत सामने रख चुके हैं। प्रियंका ने कहा कि यह मामला सिर्फ राजनीतिक आरोप नहीं है। उनके मुताबिक, इस मुद्दे पर तथ्य और सबूत मौजूद हैं।
उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में कथित दखल को गंभीर मामला बताया। प्रियंका ने कहा कि अगर चुनाव में गलत तरीके से हस्तक्षेप हुआ है, तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने BJP पर चुनावों में धांधली के आरोप भी लगाए।
इस विवाद के बीच चुनाव आयोग ने कहा है कि SIR से जुड़े फैसले तय कानूनी प्रक्रिया के तहत लिए गए। आयोग ने तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से फैसले होने की बात कही है।
Updated on:
25 Sept 2026 05:52 pm
Published on:
25 Sept 2026 05:42 pm
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