
जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर (फोटो- prashant kishor FB)
Prashant Kishor: जन सुराज पार्टी के संस्थापक और बांकीपुर से विधायक प्रशांत किशोर ने बिहार में कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर सरकार पर हमला बोला है। जमुई में एक नाबालिग के साथ छेड़छाड़ की घटना के बाद मुख्यमंत्री की टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि जो लोग 'जंगल राज' का डर दिखाकर सत्ता में आए थे, वे अब एक ऐसी व्यवस्था चला रहे हैं जो उससे भी बदतर है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के बयान से पता चलता है कि सत्ता में बैठे व्यक्ति की सोच ही आपराधिक है।
प्रशांत किशोर ने कहा कि जिस मुख्यमंत्री ने मंच से दावा किया था कि अगर किसी को कोई हाथ लगा देगा तो वे इस्तीफा दे देंगे, वे जमुई की घटना पर लंबे समय तक पूरी तरह चुप रहे और जब मुख्यमंत्री बोले भी, तो अपराधियों के पक्ष में यह कह दिया कि 'अगर रील नहीं बनाई होती तो नहीं पकड़े जाते।'
प्रशांत किशोर ने कहा कि इसका मतलब तो यह है कि अपराध करने की वजह से कार्रवाई नहीं हुई, बल्कि इसलिए हुई क्योंकि आरोपियों ने रील बनाई और उसकी वजह से पकड़े गए। राज्य में अपराध-मुक्त समाज की कल्पना कैसे की जा सकती है जब सत्ता में बैठे व्यक्ति की सोच ऐसी हो? एक तरह से मुख्यमंत्री अपराधियों को तरकीब सिखा रहे हैं कि कैसे अपराध करके बचा जा सकता है।
लोगों को आत्ममंथन करने की सलाह देते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि जब हम खुद अपराधियों, भ्रष्ट लोगों और माफिया तत्वों को वोट देकर सत्ता में लाते हैं, तो हम यह उम्मीद नहीं कर सकते कि सरकार साधु-संत चलाएंगे। आपराधिक बैकग्राउंड और अनपढ़ लोगों से अच्छे शासन और साफ-सुथरे समाज की उम्मीद करना खुद को धोखा देने जैसा है। उन्होंने कहा, "अगर बबूल का पेड़ लगाएंगे, तो उससे मीठे आम खाने को नहीं मिल सकते।"
बिहार में बाढ़ की त्रासदी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए प्रशांत किशोर ने कहा, "आज बिहार में 50 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ में फंसे हैं और तबाही का सामना कर रहे हैं। मैं सरकार को खुली चुनौती देता हूं कि मदद की बात तो छोड़िए, अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बिहार की इस त्रासदी पर केवल एक औपचारिक बयान भी दिलवा दें, तो मैं मान लूंगा कि वे बिहार के प्रति संवेदनशील हैं।"
प्रशांत किशोर ने कहा कि गुजरात में भारी बारिश होने पर देश भर में हंगामा मच जाता है और केंद्र सरकार के सभी संसाधन जुट जाते हैं। लेकिन जब बिहार में 50 लाख लोग बाढ़ में घिरे होते हैं, तो न तो प्रधानमंत्री और न ही गृह मंत्री अमित शाह वहां जाते हैं और न ही कोई बयान जारी किया जाता है।
चुनाव आयोग से जुड़े विवाद पर प्रशांत किशोर ने कहा कि वे आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने वाले पहले लोगों में से एक थे। 2021 के बंगाल विधानसभा चुनावों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा, "जिस दिन नतीजे घोषित हुए, मैंने सार्वजनिक रूप से कहा था कि अगर चुनाव आयोग ने पूरी निष्पक्षता के साथ काम किया होता, तो बीजेपी 77 सीटें तो क्या, 50 सीटों का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाती।" उन्होंने कहा कि चुअन्व आयोग की विश्वसनीयता पर संदेह का मुद्दा कोई नया नहीं है, यह संदेह तो लंबे समय से बना हुआ है।
Updated on:
25 Sept 2026 06:35 pm
Published on:
25 Sept 2026 06:35 pm
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