
तेजस्वी यादव(फोटो-ANI)
Tejashwi Yadav: जमुई की एक नाबालिग पीड़िता की तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से जुड़े विवाद को लेकर बिहार में राजनीतिक घमासान मच गया है। RJD के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर POCSO एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है और मांग की है कि बिहार पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई करे। उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज नहीं किया जाता है, तो RJD अदालत का दरवाजा खटखटाएगी और इस मामले में बिहार पुलिस को प्रतिवादी बनाएगी।
तेजस्वी यादव ने कहा कि कानून सभी पर समान रूप से लागू होता है, चाहे वह आम नागरिक हो, प्रशासनिक अधिकारी हो, प्रधानमंत्री हों या मुख्यमंत्री हों। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया पर नाबालिग पीड़िता और उसके परिवार के सदस्यों की तस्वीरें सार्वजनिक करके खुलेआम POCSO एक्ट का उल्लंघन किया है।
तेजस्वी यादव ने बिहार पुलिस पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य में कानून को लेकर दोहरे मापदंड नहीं हो सकते। उन्होंने पूछा कि जब पुलिस जमुई और अन्य जगहों पर ऐसी ही घटनाओं के बाद 80 से 90 लोगों के खिलाफ POCSO एक्ट लगा रही है, तो मुख्यमंत्री को क्यों बख्शा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री को POCSO उल्लंघन के लिए आरोपी नहीं बनाया जाता है, तो आम नागरिकों के खिलाफ दर्ज मामले भी वापस लिए जाने चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि पुलिस पर कार्रवाई न करने का दबाव कौन डाल रहा है, जबकि मुख्यमंत्री द्वारा लड़की की तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर करने के स्पष्ट सबूत मौजूद हैं।
चुनाव आयोग से जुड़े विवाद पर एक सवाल का जवाब देते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि यह लड़ाई लंबी चलेगी। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग पूरी तरह से बीजेपी के इशारे पर काम कर रहा है और यह बात अब जनता के सामने साफ हो चुकी है। उन्होंने कहा कि RJD ने बिहार के हर जिले में विरोध प्रदर्शन किया है और यह तो बस शुरुआत है। तेजस्वी यादव ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के साथ-साथ उनकी गिरफ्तारी की भी मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार और पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान बड़े पैमाने पर धांधली हुई और इस समस्या की जड़ केंद्र सरकार है।
तेजस्वी ने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की उस मांग पर भी प्रतिक्रिया दी जिसमें उन्होंने कहा था कि मुख्य चुनाव आयुक्त को सामने आकर सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण देना चाहिए। तेजस्वी ने कहा, "छोड़िए ना, चिराग पासवान क्या बोलते हैं और क्या नहीं बोलते। वे खुद उसी व्यवस्था का लाभ ले रहे हैं।" तेजस्वी ने कहा कि केंद्र की मौजूदा सरकार ही समस्या की जड़ है और जब तक अलोकतांत्रिक ताकतों को हटाया नहीं जाता, तब तक निष्पक्ष संस्थाओं को बहाल करना असंभव है।
Updated on:
25 Sept 2026 07:07 pm
Published on:
25 Sept 2026 07:07 pm
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