राष्ट्रीय

23 साल बाद भारत को मिली दूसरी गोल्ड माइन, आंध्र प्रदेश के जोन्नागिरी में शुरू हुआ सोने का उत्पादन

Gold Mines: आंध्र प्रदेश के कुरनूल स्थित जोन्नागिरी गोल्ड प्रोजेक्ट से सोने का उत्पादन शुरू हो गया है। यह भारत की दूसरी सक्रिय और पहली निजी गोल्ड माइन है। पहले साल 400 किलो सोना निकलेगा। परियोजना से 700 लोगों को रोजगार मिलेगा और राज्य सरकार को करोड़ों रुपये की रॉयल्टी प्राप्त होगी।
2 min read
• •
Updated: 27 Jun 2026, 4:31 AM IST
gold production
भारत में गोल्ड माइन(फोटो-X/@PlusPointIndia)

Gold Mines In India: भारत में अभी कर्नाटक की हट्टी गोल्ड माइन्स से ही सोने का उत्पादन होता है। सबसे प्रसिद्ध सोने की खान कोलार गोल्ड फील्ड (केजीएफ) 2001 में बंद कर दी गई। वहीं अब आंध्र प्रदेश के कुरनूल में जोन्नागिरी गोल्ड प्रोजेक्ट से सोने का उत्पादन शुरू हो गया है। यह देश की दूसरी सक्रिय गोल्ड माइन बन गई है। जहां पहले साल 400 किलो सोने का उत्पादन होगा। जिसे आगे बढ़ाया जाएगा। हाल में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने प्राइवेट सेक्टर की सोने की खान का लोकार्पण किया। ईसा पूर्व तीसरी सदी में यहां पर सम्राट अशोक के समय इस सोने की खान से सोने का उत्पादन किया जाता था। पास के एर्रागुडी गांव में मौर्य काल के शिलालेख इसकी पुष्टि करते हैं।

आंध्र प्रदेश सरकार को मिलेगी रॉयल्टी


राज्य सरकार को इस खान से 400 किलो सोना उत्पादन पर 57 करोड़ रुपए प्रति वर्ष रॉयल्टी मिलेगी। उत्पादन 900 किलोग्राम होने पर रॉयल्टी बŽ 144 करोड़ रुपए तक हो जाएगी। प्रोजेक्ट से 700 लोगों को सीधा रोजगार मिलेगा। रॉयल्टी सोने के कुल मूल्य का 4 प्रतिशत होगी।

पहली एकलौती निजी सोने की खदान


जोन्नागिरी में लगभग 13.1 टन सोने का प्रमाणित भंडार है। 1500 एकड़ क्षेत्र के इस प्रोजेक्ट में पहले चरण में 600 एकड़ में सोने का उत्पादन शुरू हुआ है। देश की एकलौती प्राइवेट सक्रिय गोल्ड माइन का संचालन जियोमैसूर सर्विसेज इंडिया प्रा.लि., डेक्कन गोल्ड माइंस लि. और त्रिवेणी अर्थमूवर्स ने साझेदारी से चलाया है। इस खान से निकलने वाला सोना देश में होने वाले कुल उत्पादन का 20 प्रतिशत होगा।

  • 99 प्रतिशत सोने का उत्पादन देश में एक ही खदान से।
  • 1.5 टन सोने का उत्पादन भारत में प्रतिवर्ष होता है।
  • एक प्रतिशत उत्पादन भारत में कुल खपत के मुकाबले।
  • दो टन प्रति वर्ष सोने का उत्पादन करने का लक्ष्य जोन्नागिरी गोल्ड माइंस से।

एक टन अयस्क से एक ग्राम सोना


दुनिया की ज्यादातर सोने की खदानों से सोना प्राप्त करने के लिए बड़ी मात्रा में चट्टानों व अयस्क की खुदाई कर उन्हें पीसा जाता है। एक टन अयस्क से आम तौर पर एक से छह ग्राम तक सोना निकलता है।उच्च श्रेणी की खदानों में एक टन अयस्क से 10 से 40 ग्राम सोना भी मिल सकता है।

राजस्थान में भी सोने का भंडार


राजस्थान के बांसवाड़ा में भी सोने के भंडार का पता लगने के बाद 2024 में पहली छोटी खदान जगपुरा-भूकिया की निलामी की गई है। जिले के 9.4 वर्ग किमी क्षेत्र में 222.39 टन सोने के भंडार होने का पता चला है।

Updated on:
27 Jun 2026, 4:31 AM IST
Published on:
Also Read
View All
Bihar MLC Election: शिक्षकों की सीट पर अब तक 30.19% और स्नातकों पर 12.88% हुआ मतदान, बवाल के बाद अनंत सिंह के समर्थक हिरासत में

बिहार MLC चुनाव: मतदान के बीच करीबी छोटू सिंह की गिरफ्तारी पर भड़के अनंत सिंह, बोले- वे सरकार में हैं और उन्होंने जुल्म किए

SAD-BJP गठबंधन की चर्चाओं पर हरपाल सिंह चीमा का बड़ा बयान, किसानों की शहादत भूली नहीं जनता, किस मुंह से करेंगे समझौता?

‘ट्रंप कब होश में आएंगे?’ फारूक अब्दुल्ला का सवाल, बोले- ईरान को अपने बचाव का हक, अब युद्ध खत्म हो

Maharashtra Murder: शादी का प्रस्ताव ठुकराने पर सिरफिरे आशिक ने बस स्टॉप पर युवती की ली जान, जीजा के घर से धरा गया आरोपी