Weather Latest Update: देश में गर्मी की विकरालता चरम पर है और कहर बरपा रही लू के मद्दनेजर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों से सावधानी बरतने और सभी मंत्रालयों से जनता को गर्मी तथा लू से बचाने के लिए हर संभव उपाय करने का आह्वान किया है।
Weather Update: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में तापमान 45 डिग्री के करीब पहुंचने के बाद मौसम विज्ञान विभाग ने दिल्ली-एनसीआर के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। राष्ट्रीय राजधानी सहित देश के ज्यादातर हिस्से भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं।
मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान बुलेटिन के अनुसार महाराष्ट्र का विदर्भ क्षेत्र देश के सबसे अधिक गर्म इलाकों में बना हुआ है। ब्रह्मपुरी में तापमान 46.6 डिग्री सेल्सियस और नागपुर में 45.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राज्य के वर्धा, अमरावती और चंद्रपुर जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है और अगले दो दिनों तक गंभीर हीटवेव की चेतावनी दी है। राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और तेलंगाना के कई हिस्सों में भी लू से गंभीर लू की स्थिति बनी रहेगी। पश्चिम राजस्थान और मध्य भारत के कुछ क्षेत्रों में तापमान सामान्य से चार से छह डिग्री सेल्सियस अधिक बना हुआ है। तेलंगाना के 10 जिलों में भी हीटवेव को लेकर चेतावनी जारी की गई है।
इस बीच प्रधानमंत्री ने देश में प्रचंड गर्मी और लू के दौर को देखते हुए देशवासियों से सावधानी बरतने और सभी मंत्रालयों से जनता को गर्मी और लू से बचाने के लिए हर संभव उपय करने का आह्वान किया है। उन्होंने लोगों से लू और गर्मी से बचने के लिए पूरी सावधानी बरतने और अपने साथ साथ दूसरे लोगों का भी ध्यान रखने की अपील की। उन्होंने लोगों से पशु-पक्षियों के लिए भी घरों , दफ्तरों और दुकानों के बाहर बर्तन में पानी रखने की अपील की तथा लोगों से पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, बाहर निकलते समय पानी साथ रखने और अत्यधिक गर्मी की स्थिति में दूसरों को पानी देकर उनकी मदद करने का सुझाव दिया है।
पिछले एक पखवाड़े से प्रचंड गर्मी और लू का सामना कर रहे उत्तर प्रदेश में आगामी दिनों में मौसम का मिजाज तेजी से बदलने वाला है। प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में कहीं लू तो कहीं तेज आंधी, गरज-चमक, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर उष्ण लहर से लेकर भीषण लू चलने की चेतावनी जारी की है , वहीं कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना जतायी है। किसानों को फसलों और पशुओं की सुरक्षा के लिए आवश्यक एहतियात बरतने की सलाह दी गई है। लोगों को समय-समय पर मौसम अपडेट और बिजली गिरने की चेतावनी के लिए "मौसम", "मेघदूत" और "दामिनी" ऐप का उपयोग करने की सलाह भी दी गयी है।
छत्तीसगढ़ में नौतपा के दौरान भीषण गर्मी और लू का असर लगातार बढ़ता जा रहा है तथा कई जिलों में तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया है तथा अगले तीन दिनों तक भी यही स्थिति बनी रहेगी। भीषण गर्मी की वजह से राज्य के खैरागढ़ जिले के दल्लीखोली-लछना जंगल में मोर, मोरनी, एशियन पाम सिवेट समेत 15 से 20 वन्यजीव और पक्षी मृत पाए गए हैं। वहीं कांकेर जिले के सरोना गांव में लू के कारण करीब 500 चमगादड़ों की मौत की जानकारी सामने आई है। इससे पहले कोरबा जिले के पाली क्षेत्र में भी लगभग 200 चमगादड़ मृत मिले थे।
खैरागढ़ वन मंडल के प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) पंकज राजपूत ने आशंका जताई है कि भीषण गर्मी और लू के चलते इन वन्यजीवों की मौत हुई है। उन्होंने बताया कि सभी मृत वन्यजीवों का पोस्टमार्टम कराया गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक दक्षिण बिहार और आसपास के क्षेत्र में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। दक्षिण बिहार से उत्तर आंध्र प्रदेश तट तक एक ट्रफ लाइन बनी हुई है, जबकि पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर भी ऊपरी हवा का चक्रवाती सिस्टम सक्रिय है। इन मौसमी परिस्थितियों के प्रभाव से 29 मई से राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश, आंधी और बिजली गिरने का अनुमान है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं , हालांकि तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना फिलहाल नहीं जताई गई है।
मध्यप्रदेश के शिवपुरी शहर में नौतपा की भीषण गर्मी के बीच पिछले दो दिनों से पानी और दूध का संकट गहरा गया है, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिवपुरी शहर को मणिखेड़ा बांध से पानी उपलब्ध कराने वाली मुख्य पाइपलाइन सूखी पड़ी है, क्योंकि जलापूर्ति करने वाली बिजली मोटर एक बार फिर खराब हो गई है। इसके कारण शहर में पानी की आपूर्ति बाधित हो गई है।
छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी और लू का असर लगातार बना हुआ है। राज्य के खैरागढ़ जिले के दल्लीखोली-लछना जंगल में मोर, मोरनी, एशियन पाम सिवेट समेत 15 से 20 वन्यजीव और पक्षी मृत पाए गए हैं। वहीं कांकेर जिले के सरोना गांव में लू के कारण करीब 500 चमगादड़ों की मौत की जानकारी सामने आई है। इससे पहले कोरबा जिले के पाली क्षेत्र में भी लगभग 200 चमगादड़ मृत मिले थे।
बुधवार दोपहर राजधानी रायपुर में मौसम ने अचानक करवट ली और तेज आंधी चली, जिससे देवपुरी इलाके में बिजली का पोल गिर गया तो वहीं रजबंधा मैदान के सामने एक विशाल वृक्ष भी गिर गया।
मौसम विभाग ने अगले दो से तीन दिनों तक मध्य छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में लू जैसे हालात बने रहने की चेतावनी जारी की है।
खैरागढ़ वन मंडल के प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) पंकज राजपूत ने आशंका जताई है कि भीषण गर्मी और लू के चलते इन वन्यजीवों की मौत हुई है। उन्होंने बताया कि सभी मृत वन्यजीवों का पोस्टमार्टम कराया गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा। हालांकि शुरुआती स्तर पर जलस्रोत में किसी जहरीले पदार्थ के मिलने की आशंका से भी इनकार नहीं किया गया है।
जानकारी के अनुसार, वन्यजीव एवं प्रकृति प्रेमी मुकेश वर्मा रविवार दोपहर बर्ड वॉचिंग और नेचर फोटोग्राफी के लिए दल्लीखोली जंगल पहुंचे थे। इसी दौरान उन्हें सबसे पहले एक ग्रेटर रैकेट-टेल्ड ड्रोंगो मृत अवस्था में मिला। आसपास तलाश करने पर जलस्रोत के समीप कई अन्य पक्षियों और जंगली जीवों के शव पड़े दिखाई दिए। इसके बाद उन्होंने घटनास्थल का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया, जो तेजी से वायरल हो गया।
मृत पाए गए वन्यजीवों में एक नर मोर, दो मोरनी, तीन एशियन पाम सिवेट (कबरबिज्जू), एक ग्रेटर रैकेट-टेल्ड ड्रोंगो, एक रुफस ट्रीपाई, एक ओरिएंटल मैगपाई रॉबिन, एक जंगल आउलेट समेत अन्य पक्षी शामिल हैं। एक ही स्थान पर बड़ी संख्या में वन्यजीवों की मौत के बाद वन विभाग सतर्क हो गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश में मौसम मुख्यतः शुष्क रहा। राजनांदगांव में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 45.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 27.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। रायपुर में बुधवार को अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाने की संभावना जताई गई है तथा शहर में लू चलने के आसार हैं।
विभाग ने कहा है कि अगले तीन दिनों तक मध्य छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों में लू जारी रह सकती है। लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने तथा पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक दक्षिण बिहार और आसपास के क्षेत्र में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। दक्षिण बिहार से उत्तर आंध्र प्रदेश तट तक एक ट्रफ लाइन बनी हुई है, जबकि पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर भी ऊपरी हवा का चक्रवाती सिस्टम सक्रिय है। इन मौसमी परिस्थितियों के प्रभाव से 29 मई से प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश, आंधी और बिजली गिरने का अनुमान है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। हालांकि तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना फिलहाल नहीं जताई गई है।
कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों के लिए परामर्श जारी करते हुए रबी मक्का, केला और पपीता की फसलों में निराई-गुड़ाई के बाद हल्की सिंचाई करने की सलाह दी है, ताकि तेज गर्मी से फसल को नुकसान न पहुंचे। साथ ही गेहूं और चना की कटाई जल्द पूरी कर उपज को सुरक्षित स्थानों पर रखने की भी अपील की गई है।
उत्तराखण्डवासियों को भीषण गर्मी से राहत मिलने के जल्द आसार हैं। मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के विभिन्न जिलों में आगामी दिनों में बारिश, बिजली कड़कने, ओलावृष्टि तथा तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है।
मौसम विभाग की ओर से गुरुवार को जारी पूर्वानुमान के अनुसार उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर एवं पिथौरागढ़ में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ बिजली चमकने, ओलावृष्टि तथा 40-50 किलोमीटर प्रति घंटा से बढ़कर 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। इसके अतिरिक्त राज्य के शेष जिलों में भी कहीं-कहीं गर्जन के साथ बिजली चमकने तथा 40-50 कि.मी. प्रति घंटा की गति से तेज हवाएं चल सकती हैं। जबकि शुक्रवार को उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर एवं पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ बिजली चमकने, ओलावृष्टि तथा 40-50 कि.मी. प्रति घंटा से बढ़कर 60 कि.मी. प्रति घंटा तक की गति से तेज हवाएं चलने के आसार के साथ आरेंज अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग एवं चमोली जनपदों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की भी अनुमान जताया गया है।
पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य में 30 तथा 31 मई के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र द्वारा संबंधित जिलों को सतर्क रहने तथा आवश्यक एहतियाती व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने, आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों को अलर्ट मोड में रखने तथा त्वरित कार्रवाई हेतु सभी आवश्यक संसाधनों को तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, सुरक्षित स्थानों पर रहें तथा बिजली एवं तेज हवाओं के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों एवं कमजोर संरचनाओं से दूर रहें। उन्होंने मौसम संबंधी नवीनतम जानकारी एवं प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने का सुझाव भी दिया है।
पिछले एक पखवारे से प्रचंड गर्मी और लू का सामना कर रहे उत्तर प्रदेश में आगामी दिनों में मौसम का मिजाज तेजी से बदलने वाला है। प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में कहीं लू तो कहीं तेज आंधी, गरज-चमक, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार आज शाम को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम शुष्क रहने के आसार हैं, जबकि 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से धूलभरी हवाएं चल सकती हैं। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। विभाग ने पूर्वी यूपी के कुछ हिस्सों में उष्ण लहर से लेकर भीषण लू चलने की चेतावनी भी जारी की है।
28 मई से प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। पश्चिमी और पूर्वी दोनों हिस्सों में कई स्थानों पर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 60 से 70 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चलने वाली आंधी, जो झोंकों में 80 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंच सकती है, की चेतावनी जारी की गई है। कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की भी आशंका व्यक्त की गई है। 29 मई को मौसम विभाग ने सबसे अधिक सतर्क रहने की सलाह दी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 80 से 90 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज आंधी और तूफान आने की संभावना है, जिसके झोंके 100 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंच सकते हैं। इसके साथ ही भारी बारिश और ओलावृष्टि की भी चेतावनी जारी की गई है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी 70 से 80 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है।
30 और 31 मई को भी प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार इन दिनों 40 से 70 किलोमीटर प्रतिघंटा तक की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। हालांकि एक जून और दो जून को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम सामान्य और शुष्क रहने की संभावना जताई गई है तथा किसी विशेष चेतावनी की घोषणा नहीं की गई है।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। किसानों को फसलों और पशुओं की सुरक्षा के लिए आवश्यक एहतियात बरतने की सलाह दी गई है। विभाग ने लोगों को समय-समय पर मौसम अपडेट और बिजली गिरने की चेतावनी के लिए "मौसम", "मेघदूत" और "दामिनी" ऐप का उपयोग करने की सलाह भी दी है।
छत्तीसगढ़ में नौतपा के दौरान भीषण गर्मी और लू के असर लगातार बढ़ते जा रहे हैं। प्रदेश के कई जिलों में तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी तीन दिनों तक गर्मी से राहत मिलने का कोई आसार नहीं है, हालांकि इसके बाद तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है।
राज्य में मंगलवार को प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान राजनांदगांव में 45.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। राजधानी रायपुर में तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा दुर्ग में 44.7 डिग्री, बिलासपुर में 44.5, अंबिकापुर में 42.4, पेंड्रारोड में 42.2 तथा जगदलपुर में 42 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में सबसे कम 27.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग ने बुधवार को बताया कि प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अगले तीन दिनों तक अधिकतम तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास बने रहने के आसार हैं। बीते 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में विशेष परिवर्तन नहीं देखा गया और कई जिलों में लू की स्थिति बनी हुई है।
विभाग के मुताबिक 29 मई से मौसम में बदलाव के संकेत मिल सकते हैं। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मेघगर्जन, तेज हवा, वज्रपात तथा वर्षा की संभावना जताई गई है। अगले दो दिनों में कुछ स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका भी व्यक्त की गई है।
दक्षिण छत्तीसगढ़ के जिलों में मौसम का असर पहले देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर और कोंडागांव जिलों के लिए मेघगर्जन, आकाशीय बिजली, 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा तथा बारिश की संभावना को लेकर सुबह 10 बजे तक यलो अलर्ट जारी किया है।
इधर राजधानी रायपुर में बुधवार को भी लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विभाग ने यहां ग्रीष्म लहर चलने की संभावना जताई है। शहर में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में तापमान 45 डिग्री के करीब पहुंचने के बाद मौसम विज्ञान विभाग ने दिल्ली-एनसीआर के लिए येलो अलर्ट जारी कर दिया है।
राजधानी सहित उत्तर भारत के बड़े हिस्से भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने दिल्ली-एनसीआर के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के करीब बना रह सकता है और 28 मई से पहले राहत की संभावना कम है। महीने के अंत तक पश्चिमी विक्षोभ के असर से कुछ इलाकों में आंधी और हल्की बारिश के साथ तापमान में गिरावट आ सकती है।
आईएमडी के मौसम पूर्वानुमान बुलेटिन के अनुसार विदर्भ क्षेत्र देश के सबसे अधिक गर्म इलाकों में बना हुआ है। ब्रह्मपुरी में तापमान 46.6 डिग्री सेल्सियस और नागपुर में 45.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने वर्धा, अमरावती और चंद्रपुर जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है और अगले दो दिनों तक गंभीर हीटवेव की चेतावनी दी है।
विभाग ने कहा कि राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और तेलंगाना के कई हिस्सों में भी लू से गंभीर लू की स्थिति बनी रहेगी। पश्चिम राजस्थान और मध्य भारत के कुछ क्षेत्रों में तापमान सामान्य से चार से छह डिग्री सेल्सियस अधिक बना हुआ है।
तेलंगाना के 10 जिलों में भी हीटवेव को लेकर चेतावनी जारी की गई है। पेद्दापल्ली, जयशंकर भूपालपल्ली, मुलुगु, भद्राद्री कोठागुडेम और खम्मम जिलों में गंभीर लू चलने की आशंका जताई गई है।
आईएमडी ने कहा कि उत्तर-पश्चिम भारत में 29 मई के बाद तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आ सकती है। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के कुछ हिस्सों में गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की बारिश की संभावना है, जिससे लोगों को आंशिक राहत मिल सकती है।
मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय धूप में निकलने से बचने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और लंबे समय तक खुले में काम करने से परहेज करने की सलाह दी है।