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‘तीस्ता प्रोजेक्ट’ पर भारत की है नजर, आखिर क्या है ये, जिस पर बांग्लादेश ने चीन से मांगा सहयोग

Teesta River Project: तीस्ता प्रोजेक्ट भारत और बांग्लादेश के रिश्तों के लिए संवेदनशील माना जा रहा है।
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May 08, 2026
Teesta River project
तीस्ता नदी प्रोजेक्ट अपडेट (इमेज सोर्स: वाइस ऑफ सिक्किम)

Bangladesh China Teesta:बांग्लादेश में तारिक रहमान के नेतृत्व वाली नई सरकार ने औपचारिक रूप से चीन से तीस्ता नदी पुनर्स्थापन परियोजना में सहयोग और समर्थन मांगा है। ढाका के इस कदम को भारत और बांग्लादेश के रिश्तों के लिए संवेदनशील माना जा रहा है।

गौरतलब है कि तीस्ता नदी व्यापक प्रबंधन और पुनर्स्थापन परियोजना को लेकर गुरुवार को बीजिंग में बांग्लादेश के विदेश मंत्री खालिलुर रहमान और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच बैठक हुई, भारत के लिए यह मुद्दा इसलिए संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि, तीस्ता नदी पूर्वी हिमालय से निकलकर सिक्किम और पश्चिम बंगाल से होते हुए बांग्लादेश में प्रवेश करती है। यह नदी बांग्लादेश में सिंचाई और लाखों लोगों की आजीविका का प्रमुख स्रोत मानी जाती है। बैठक के दौरान वांग यी ने नई बांग्लादेश सरकार के प्रति समर्थन जताते हुए कहा कि चीन, बेल्ट एंड रोड पहल के तहत बांग्लादेश के साथ सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है।

तीसरे पक्ष की नहीं कोई भूमिकाः चीन

उन्होंने कहा कि चीन आर्थिक विकास, आधारभूत ढांचे और लोगों के बीच संपर्क जैसे पारंपरिक क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करेगा। वांग यी ने यह भी कहा कि चीन, बांग्लादेश में चीनी कंपनियों के निवेश को बढ़ावा देगा। चीनी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि चीन का दक्षिण एशियाई देशों, विशेषकर बांग्लादेश के साथ संबंध किसी तीसरे पक्ष को निशाना बनाकर नहीं बनाए जा रहे हैं और न ही किसी तीसरे पक्ष से प्रभावित होने चाहिए। तारिक रहमान सरकार बनने के बाद खालिलुर रहमान की यह पहली चीन यात्रा है।

पिछले महीने भारत आए थे रहमान

गौरतलब है कि पिछले महीने खालिलुर रहमान भारत दौरे पर भी आए थे। उनकी भारतीय नेताओं के साथ हुई बातचीत पर बीजिंग की नजर थी। इसके पहले, शेख हसीना सरकार के पतन के बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार चीन और पाकिस्तान के ज्यादा करीब मानी जा रही थी। जिससे ढाका और नई दिल्ली के रिश्तों में तनाव आया था। चीन लंबे समय से तीस्ता नदी परियोजना में रुचि दिखाता रहा है। यह परियोजना भारत के संवेदनशील सिलीगुड़ी कॉरिडोर के पास स्थित है, जो पूर्वोत्तर राज्यों को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ता है।

Updated on:
08 May 2026 02:12 am
Published on:
08 May 2026 02:12 am