
नई दिल्ली। देशभर के कई राज्यों में मानसून ( India Monsoon Update ) सक्रिय है। हालांकि अगस्त के महीने की बात करें तो इस बार सामान्य से 9 फीसदी कम बारिश ( Rain ) दर्ज की गई है। उत्तर भारत के कुछ इलाकों में बारिश का दौर जारी है, वहीं मौसम एक्सपर्ट्स की मानें तो बंगाल की खाड़ी में एक सिस्टम विकसित हो रहा है।
इसका असर अगस्त अंत में या सितंबर की शुरुआत में राजस्थान, दिल्ली, यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश समेत देश के 10 से ज्यादा राज्यों में देखने को मिल सकता है।
अगस्त मध्य तक ऐसे कम हुई औसत बारिश
इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून की शुरुआत समय से ही हुई थी और लंबी अवधि के औसत (एलपीए) के 110 प्रतिशत पर जून के अंत में अच्छी बारिश देखने को मिली।
जबकि, जुलाई के महीने में 11 जुलाई तक के अंतराल तक बारिश की शुरुआत कमजोर रही। इसलिए जुलाई महीने का अंत एलपीए के 93 फीसदी पर सामान्य से कम बारिश के साथ हुआ।
मानसून में पहला ब्रेक जुलाई में दिखा और अगस्त के पहले पखवाड़े के दौरान भी दक्षिण-पश्चिम मानसून ने दूसरे 'ब्रेक मॉनसून' फेज का सामना किया। कमजोर मानसून के कारण देश में सीजनल वर्षा की कमी अगस्त के मध्य तक 9% पर आ गई।
28 अगस्त से आगे बढ़ेगा सिस्टम
28 अगस्त से बंगाल की खाड़ी में एक सिस्टम सक्रिय होकर आगे बढ़ेगा। दरअसल बीकानेर, आगरा, सुल्तानपुर, पटना व बालुरघाट से होते हुए पूर्व की ओर नगालैंड की ओर एक मानसून ट्रफ जा रही है। चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र उत्तर-पूर्वी राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों पर बना हुआ है और इस चक्रवाती परिसंचरण से ट्रफ रेखा मध्यप्रदेश और विदर्भ के पश्चिमी भागों में तेलंगाना तक फैली हुई है।
इससे इन इलाकों में अच्छी बारिश के आसार बने हुए हैं। इसका असर अगस्त अंत और सितंबर की शुरुआत में दिखाई दे सकता है।
सितंबर में LPA (170.2 MM) के मुकाबले 100 फीसदी बारिश हो सकती है। इस महीने 60 फीसदी संभावना सामान्य बारिश की है, 20 फीसदी संभावना सामान्य से ज्यादा बारिश की है और 20 फीसदी संभावना सामान्य से कम बारिश की है।
इस वजह से कमजोर रहा मानसून
स्काईमेट के प्रबंध निदेशक जतिन सिंह के मुताबिक, मानसून के कमजोर होने की बड़ी वजह संभवतः हिंद महासागर में IOD ( Indian Ocean Dipole ) के लंबे-पांच चरण और जुलाई और अगस्त में विस्तारित विराम की स्थिति है।
कम बारिश का एक कारण अलनीनो भी
अगस्त में औसत से कम बारिश की वजह अलनीनो भी हो सकता है। दरअसल प्रशांत महासागर में पेरू के पास समुद्री तट के गर्म होने वाली घटना को अलनीनो कहा जाता है। पिछले कुछ सालों से प्रशांत महासागर की सतह का तापमान बढ़ रहा है। अलनीनो की वजह से समुद्री हवाओं का रुख बदल जाता है। इसका असर ये होता है कि ज्यादा बारिश वाले क्षेत्रों में बारिश नहीं होती और इसके उलट जिन इलाकों में बारिश नहीं होती है, वहां मूसलाधार बारिश होती है।
दिल्ली में 21 फीसदी सरप्लस बारिश
मानसून की वापसी के साथ, राष्ट्रीय राजधानी में पिछले एक सप्ताह से लगातार बारिश हो रही है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, दिल्ली में अब तक 21 प्रतिशत सरप्लस बारिश हुई है. 1 जून से 22 अगस्त के बीच, राजधानी में सामान्य औसत 422.8 मिमी की तुलना में 511.1 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
राजस्थान में 29 से बढ़ेंगी बारिश की गतिविधि
राजस्थान के अनेक इलाकों में मानसून की बारिश हो रही है. बीते दिन सर्वाधिक बारिश अलवर के थानागाजी में 72 मिमी दर्ज की गई। राज्य में 25-28 अगस्त के दौरान अधिकतर भागों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है।
29 अगस्त से एक नया सिस्टम बनने से राज्य में एक बार दोबारा बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होगी। सितंबर के पहले सप्ताह में भी कुछ स्थानों पर अच्छी बारिश के आसार हैं।
उत्तराखंड में भारी बारिश और भूस्खलन की चेतावनी जारी
IMD ने उत्तराखंड में भारी बारिश और लैंडस्लाइड की चेतावनी जारी की है। भूस्खलन से टनकपुर-चंपावत नेशनल हाईवे सहित कई राजमार्ग बंद हो गए हैं। कुमाऊं मंडल के बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल और उधम सिंह नगर जिले में कहीं-कहीं पर भारी बारिश भी हो सकती है। कुमाऊ के पांच जिलों के लिए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
यूपी-बिहार में अच्छी बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक यूपी और बिहार के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने अररिया, फारबिसगंज, सीतामढ़ी, भागलपुर, किशनगंज, सुपौला और पूश्चिम चंपारण में बारिश की संभावना जताई है। यह बारिश 27 अगस्त तक जारी रहने की उम्मीद है।
इन राज्यों में बारिश के आसार
मौसम विभाग के मुताबिक 25 और 26 अगस्त को उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश की तलहटी, बिहार, उपहिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश के साथ हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं।
पूर्वोत्तर भारत, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, शेष उत्तरप्रदेश, हिमाचल प्रदेश, पूर्वी मध्यप्रदेश, झारखंड, केरल और तमिलनाडु में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। तेलंगाना, ओडिशा, गुजरात के कुछ हिस्सों, महाराष्ट्र और कर्नाटक में हल्की बारिश संभव है।