राष्ट्रीय

पश्चिम एशिया में जंग के बीच PM Modi का संदेश लेकर अजित डोभाल पहुंचे UAE, एक महीने में दूसरी बार MBZ से मिले

भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल (India's NSA Ajit Doval) यूएई के दौरे पर पहुंचे। उन्होंने UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मिले।
2 min read
Apr 26, 2026
Feature image
NSA अजित डोभाल (फाइल फोटो)

पश्चिम एशिया इस वक्त आग में जल रहा है। अमेरिका और इजराइल के ईरान (Iran-US tensions) के साथ युद्ध के बाद स्थिति बेहद गंभीर है। होर्मुज जलडमरूमध्य बंद है और दुनिया भर में तेल संकट गहरा रहा है। ऐसे नाजुक वक्त में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल रविवार को UAE पहुंचे और सीधे राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मिले।

डोभाल ने दिया PM मोदी का संदेश

UAE में भारतीय दूतावास ने बताया कि डोभाल ने यह दौरा आधिकारिक तौर पर किया और मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से शुभकामनाएं दीं। दोनों नेताओं के बीच भारत और UAE की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने, इलाके के हालात और दोनों देशों के साझा हितों पर खुलकर बात हुई।

यह दौरा इसलिए भी अहम है क्योंकि इसी महीने विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी UAE का दो दिन का दौरा कर चुके हैं। यानी एक ही महीने में भारत की तरफ से यह दूसरी बड़ी राजनयिक बैठक है।

जयशंकर का दौरा और क्या हुई बात

इस महीने की शुरुआत में जयशंकर अबू धाबी गए थे। वहां उन्होंने UAE के राष्ट्रपति से मुलाकात की और पश्चिम एशिया में चल रही जंग के बीच वहां रह रहे भारतीयों की सुरक्षा के लिए UAE का शुक्रिया अदा किया। दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान भी उस मुलाकात में मौजूद थे।

11 अप्रैल को जयशंकर ने UAE के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद से भी मुलाकात की थी। इस बैठक में पश्चिम एशिया के बदलते हालात और उसके असर पर चर्चा हुई। जयशंकर ने भरोसा जताया कि दोनों देशों की साझेदारी आगे और मजबूत होगी।

UAE में 35 लाख भारतीय, इसलिए है इतनी चिंता

UAE में करीब 35 लाख भारतीय रहते हैं। पश्चिम एशिया में जब से हालात बिगड़े हैं, इन लोगों की सुरक्षा भारत सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गई है। जयशंकर ने अपने दौरे के दौरान वहां बसे भारतीय समुदाय से भी सीधे बात की और सरकार के प्रयासों की जानकारी दी।

कैसे भड़की यह जंग

28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान पर सैन्य हमला किया। इसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए। इसके बाद ईरान ने इजराइल और खाड़ी में अमेरिकी ठिकानों पर बड़े हमले किए। होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से दुनिया भर में तेल की सप्लाई पर असर पड़ा और ऊर्जा संकट खड़ा हो गया।

Updated on:
26 Apr 2026 03:07 pm
Published on:
26 Apr 2026 03:07 pm