राष्ट्रीय

अग्नि-4 बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण, जानिए क्यों अहम है यह टेस्ट

Agni 4 missile test: भारत ने ओडिशा के चांदपुर से अग्नि-4 बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। इस लॉन्च के दौरान सभी ऑपरेशनल और तकनीकी मानक पूरी तरह सफल रहे।
2 min read
Agni 4 missile
ओडिशा के चांदपुर में अग्नि-4 बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण,Photo source@ANI

भारत ने गुरुवार को ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR) से मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-4 का सफल परीक्षण किया। रक्षा मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार यह परीक्षण स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड (SFC) की देखरेख में किया गया।

रक्षा मंत्रालय के अधिकारी ने कहा, इस लॉन्च के दौरान सभी ऑपरेशनल और तकनीकी मानक पूरी तरह सफल रहे। परीक्षण के सभी निर्धारित उद्देश्य हासिल कर लिए गए।"
यह ताजा परीक्षण 6 सितंबर 2024 को अग्नि-4 इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल के सफल लॉन्च के बाद किया गया है। उस समय भी रक्षा मंत्रालय ने बताया था कि चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से किए गए परीक्षण में सभी ऑपरेशनल और तकनीकी मानकों की पुष्टि हुई थी।

इससे पहले 4 अप्रैल 2024 को भारत ने नई पीढ़ी की अग्नि-प्राइम (Agni-P) बैलिस्टिक मिसाइल का भी सफल फ्लाइट टेस्ट किया था। यह परीक्षण स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड (SFC) और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने संयुक्त रूप से किया था।

इसलिए खास है अग्नि मिसाइल

अग्नि श्रृंखला भारत द्वारा विकसित लंबी दूरी की, परमाणु क्षमता से लैस सतह से सतह पर मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों की श्रृंखला है। यह भारत की रणनीतिक प्रतिरोधक क्षमता (Strategic Deterrence) का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है।

हाल ही में 15 जून को DRDO ने ओडिशा तट के पास डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से स्वदेशी लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज़ मिसाइल (LRLACM) का भी सफल परीक्षण किया था।

अग्नि-4 की मारक क्षमता 4,000 किलोमीटर तक

अग्नि-4 मिसाइल की मारक क्षमता 3,500 से 4,000 किलोमीटर तक है। रक्षा मंत्रालय के अनुसंधान एवं विकास (R&D) विंग के अनुसार, इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज, चांदीपुर में तैनात विभिन्न ट्रैकिंग प्रणालियों से प्राप्त आंकड़ों ने पुष्टि की कि परीक्षण के सभी लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किए गए।

मंत्रालय के अनुसार, इस परीक्षण ने मिसाइल की प्रमुख तकनीकों को प्रमाणित किया और लंबी दूरी तक सटीक प्रहार करने की भारत की बढ़ती क्षमता का प्रदर्शन किया। रक्षा सचिव तथा रक्षा विभाग (R&D) के सचिव राजेश कुमार सिंह, जो DRDO के अध्यक्ष भी हैं, ने इस परीक्षण की निगरानी की। इससे पहले LRLACM के सफल फ्लाइट टेस्ट के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने DRDO की टीम और उद्योग साझेदारों को बधाई देते हुए मिशन से जुड़े सभी लोगों के प्रयासों की सराहना की।

Updated on:
06 Aug 2026 09:29 pm
Published on:
06 Aug 2026 09:29 pm
Also Read
View All
‘छात्रों की समस्या का समाधान राज्य सरकार अकेले नहीं कर सकती’, झारखंड के छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर कांग्रेस बिहार अध्यक्ष ने केंद्र पर उठाये सवाल

IPS Rahul Bansal: अंबिकापुर के CSP राहुल बंसल पर हवाला के जरिए 1 करोड़ की घूस लेने का आरोप, दिल्ली की विशेष अदालत ने जारी किया नोटिस

Gujarat News: समुद्र की लहरों की तरह हिल रहा था कुएं का पानी, वैज्ञानिकों ने जांच के बाद घटना को बताया प्राकृतिक

मणिपुर में सुरक्षा बलों को मिली बड़ी सफलता, उग्रवादी संगठन का प्रमुख गिरफ्तार

‘UPI यूजर से नहीं लिया जाएगा कोई चार्ज’, जयराम रमेश के दावों पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दी सफाई