
भारत ने गुरुवार को ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR) से मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-4 का सफल परीक्षण किया। रक्षा मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार यह परीक्षण स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड (SFC) की देखरेख में किया गया।
रक्षा मंत्रालय के अधिकारी ने कहा, इस लॉन्च के दौरान सभी ऑपरेशनल और तकनीकी मानक पूरी तरह सफल रहे। परीक्षण के सभी निर्धारित उद्देश्य हासिल कर लिए गए।"
यह ताजा परीक्षण 6 सितंबर 2024 को अग्नि-4 इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल के सफल लॉन्च के बाद किया गया है। उस समय भी रक्षा मंत्रालय ने बताया था कि चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से किए गए परीक्षण में सभी ऑपरेशनल और तकनीकी मानकों की पुष्टि हुई थी।
इससे पहले 4 अप्रैल 2024 को भारत ने नई पीढ़ी की अग्नि-प्राइम (Agni-P) बैलिस्टिक मिसाइल का भी सफल फ्लाइट टेस्ट किया था। यह परीक्षण स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड (SFC) और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने संयुक्त रूप से किया था।
अग्नि श्रृंखला भारत द्वारा विकसित लंबी दूरी की, परमाणु क्षमता से लैस सतह से सतह पर मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों की श्रृंखला है। यह भारत की रणनीतिक प्रतिरोधक क्षमता (Strategic Deterrence) का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है।
हाल ही में 15 जून को DRDO ने ओडिशा तट के पास डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से स्वदेशी लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज़ मिसाइल (LRLACM) का भी सफल परीक्षण किया था।
अग्नि-4 मिसाइल की मारक क्षमता 3,500 से 4,000 किलोमीटर तक है। रक्षा मंत्रालय के अनुसंधान एवं विकास (R&D) विंग के अनुसार, इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज, चांदीपुर में तैनात विभिन्न ट्रैकिंग प्रणालियों से प्राप्त आंकड़ों ने पुष्टि की कि परीक्षण के सभी लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किए गए।
मंत्रालय के अनुसार, इस परीक्षण ने मिसाइल की प्रमुख तकनीकों को प्रमाणित किया और लंबी दूरी तक सटीक प्रहार करने की भारत की बढ़ती क्षमता का प्रदर्शन किया। रक्षा सचिव तथा रक्षा विभाग (R&D) के सचिव राजेश कुमार सिंह, जो DRDO के अध्यक्ष भी हैं, ने इस परीक्षण की निगरानी की। इससे पहले LRLACM के सफल फ्लाइट टेस्ट के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने DRDO की टीम और उद्योग साझेदारों को बधाई देते हुए मिशन से जुड़े सभी लोगों के प्रयासों की सराहना की।