भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement) पर आज वार्ता होगी। भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर होने वाली यह वार्ता 22 अप्रैल तक चलेगी।
India-US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement) पर 20 अप्रैल यानी आज से वाशिंगटन डीसी में वार्ता होगी। दोनों देशों के बीच ट्रेड डील पर होने वाली यह वार्ता 22 अप्रैल तक चलेगी। भारत की ओर वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव दर्पण जैन अमेरिका से होने वाली ट्रेड डील पर वार्ता का नेतृत्व कर रहे हैं। उनके साथ कस्टम विभाग और विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे।
भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर आज से बैठक होगी। इस वार्ता में टैरिफ मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब अमेरिकी टैरिफ नीति में हालिया बदलावों के कारण दोनों देशों को अपने अंतरिम समझौते पर पुनर्विचार करना पड़ रहा है। फरवरी 2026 में दोनों देशों ने एक अंतरिम व्यापार समझौता (Interim Agreement) तैयार किया था। इसमे अमेरिका ने भारत पर लगाए गए टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने पर सहमति जताई थी। इसके बदले भारत ने अमेरिकी औद्योगिक और कृषि उत्पादों पर टैरिफ में भारी कटौती या समाप्ति का प्रस्ताव रखा था।
भारत द्वारा अमेरिकी उत्पादों पर दी गई छूट में सोयाबीन तेल, ड्राई फ्रूट्स, फल, वाइन, स्पिरिट्स और पशु आहार जैसे उत्पाद शामिल हैं। हालांकि, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी 2026 में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत लगाए गए पारस्परिक टैरिफ को असंवैधानिक करार दिया। इसके बाद अमेरिकी प्रशासन ने 24 फरवरी 2026 से सभी देशों पर 10 प्रतिशत का अस्थायी टैरिफ (Section 122 of Trade Act के तहत) लागू कर दिया। इस बदलाव से भारत को पहले मिलने वाला तुलनात्मक लाभ प्रभावित हुआ है, जिसके चलते प्रस्तावित डील में संशोधन की जरूरत महसूस की जा रही है।
वार्ता में टैरिफ मुद्दों के अलावा अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) द्वारा भारत पर शुरू की गई Section 301 जांचों पर भी चर्चा होने की संभावना है। भारत ने इन जांचों को बेबुनियाद बताते हुए उन्हें खत्म करने की मांग की है। अमेरिकी पक्ष कृषि क्षेत्र में बेहतर बाजार पहुंच पर जोर दे रहा है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर के मुताबिक, टैरिफ बाधाएं अभी भी बड़ी समस्या हैं, खासकर सेब जैसे उत्पादों में। उन्होंने बताया कि 2018 में अमेरिकी सेबों की भारत में हिस्सेदारी 53 प्रतिशत थी, जो अब घटकर लगभग 8.5 प्रतिशत रह गई है।
भारत की ओर से सेब पर 50 प्रतिशत टैरिफ को अमेरिका बड़ा मुद्दा मान रहा है। दोनों देशों का लक्ष्य द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक बढ़ाना है। जेमिसन ग्रीर ने कहा कि पिछले एक साल से चल रही बातचीत का मकसद पारस्परिक व्यापार ढांचा तैयार करना है। भारतीय अधिकारियों का मानना है कि नए टैरिफ ढांचे के अनुरूप डील को अपडेट करना जरूरी है। यह वार्ता भारत-अमेरिका आर्थिक साझेदारी को नई गति देने वाली साबित हो सकती है, हालांकि कृषि, टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं पर अभी भी मतभेद बने हुए हैं।