भारत और अमेरिका के रिश्तों के बीच सबसे बड़ा कांटा बन चुके अमेरिकी वीजा विवाद पर S. Jaishankar ने अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio के सामने वीजा की दिक्कतों का मुद्दा बेहद आक्रामक ढंग से उठाया, जिस पर मार्को रुबियो ने सफाई दी।
India US Visa Dispute: दिल्ली के हैदराबाद हाउस में विदेश मंत्री एस जयशंकर (S. Jaishankar) और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो (Marco Rubio) के बीच हुई बैठक में वीजा विवाद का मुद्दा गरमा गया। विदेश मंत्री जयशंकर ने भारतीय यात्रियों को अमेरिकी वीजा मिलने में हो रही दिक्कतों का मुद्दा उठाया। जिस पर मार्को रुबियो ने कहा कि 'ये नियम भारत को निशाना बनाकर नहीं बनाए गए हैं।' इस बैठक में पश्चिम एशिया, व्यापार समझौते और ऊर्जा सहयोग जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। रुबियो ने भारत को 'रणनीतिक सहयोगी' बताते हुए कहा कि दोनों देशों का रिश्ता दुनिया के सबसे मजबूत साझेदारियों में से एक है। वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ओर से पीएम नरेंद्र मोदी को व्हाइट हाउस आने का औपचारिक न्योता भी दिया गया।
द्विपक्षीय बातचीत के दौरान जयशंकर ने जैसे ही वीजा का मुद्दा उठाया जिस पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो अपने रुख से पीछे हटते नजर आए। उन्होंने इस पर सफाई देते हुए कहा कि 'यह पाबंदियां या कड़े नियम भारत को टारगेट करके नहीं बनाए गए हैं।' इसके साथ ही रुबियो ने भारत को अमेरिका का सबसे खास और रणनीतिक साझेदार बताया। उन्होंने दोनों देशों के रिश्तों को लेकर चल रही अटकलों पर भी विराम लगा दिया।
इस बैठक में सिर्फ वीजा ही नहीं, बल्कि कई और बड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। भारत और अमेरिका के बीच जल्द से जल्द बड़े व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने पर बातचीत आगे बढ़ी। विदेश मंत्री जयशंकर ने बैठक के बाद कहा कि 'हमने पश्चिम एशिया, भारतीय उपमहाद्वीप और पूर्वी एशिया की स्थिति पर चर्चा की। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में भारत और अमेरिका के बीच हालिया सहयोग का स्वागत किया गया।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत के साथ अपने रिश्तों को बेहद खास बताया। उन्होंने साफ कहा कि भारत और अमेरिका का रिश्ता दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण रिश्तों में से एक है। मार्को रुबियो ने कहा कि 'अमेरिका और भारत सिर्फ सहयोगी नहीं हैं, हम रणनीतिक सहयोगी हैं। हम दुनिया भर के देशों के साथ कई तरह के मुद्दों पर काम करते है। उन्होंने आगे कहा 'हमारे पास चर्चा करने के लिए बहुत कुछ है और काम करने के लिए भी बहुत कुछ। हम दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र हैं, और केवल यही बात हमारे बीच जबरदस्त सहयोग के लिए एक मजबूत आधार है।
इससे पहले, शनिवार को दिल्ली पहुंचते ही मार्को रुबियो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने एक्स (X) पर पोस्ट करके बताया कि 'मार्को रुबियो ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जल्द से जल्द व्हाइट हाउस आने का औपचारिक न्योता दिया है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के मुताबिक, पीएम मोदी ने मार्को रुबियो से अनुरोध किया कि वे राष्ट्रपति ट्रंप को उनकी तरफ से हार्दिक शुभकामनाएं भेजें और कहा कि वे उनके साथ लगातार बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं।'