Infiltration:जम्मू-कश्मीर के नौशेरा स्थित झंगर सेक्टर में भारतीय सेना ने घुसपैठ की बड़ी साजिश को नाकाम करते हुए एक पाकिस्तानी आतंकी को मार गिराया है। इलाके में छिपे दूसरे आतंकी की तलाश के लिए सुरक्षाबलों का सघन सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है।
Indian Army: जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LoC Naushera) पर भारतीय सेना ने एक बार फिर पाकिस्तान की नापाक साजिश को नाकाम कर दिया है। मीडिया रिपोटर्स के अनुसार मंगलवार, 10 मार्च 2026 को राजौरी जिले के नौशेरा स्थित झंगर सेक्टर (Jhangar Sector) में सेना के जवानों ने घुसपैठ की एक बड़ी कोशिश को विफल करते हुए एक पाकिस्तानी आतंकवादी ()Pakistan Terrorist ) को मार गिराया (Indian Army Encounter) है। सुरक्षा एजेंसियों को पहले ही पुख्ता खुफिया जानकारी मिल गई थी कि सीमा पार से दो आतंकवादी भारतीय क्षेत्र में दाखिल होने की फिराक में हैं। इस सूचना के बाद सेना की मुस्तैदी और बढ़ा दी गई। 'व्हाइट नाइट कॉर्प्स' के जवानों ने इलाके में अपनी निगरानी कड़ी कर दी। दोपहर करीब 3 बजे नियंत्रण रेखा के पास इन घुसपैठियों की संदिग्ध हलचल देखी गई।
भारतीय सेना के मुस्तैद जवानों ने तुरंत मोर्चा संभाला और आतंकियों की घेराबंदी शुरू कर दी। खुद को घिरता देख आतंकियों ने भागने की कोशिश की। इसके बाद जवानों ने त्वरित और सधी हुई कार्रवाई (कैलकुलेटेड कॉम्बैट एक्शन) करते हुए एक आतंकवादी को मौके पर ही ढेर कर दिया। इस सफलता से एलओसी पर घुसपैठ और संभावित आतंकी हमले की एक बड़ी घटना को टाल दिया गया।
मारे गए आतंकवादी का एक साथी अभी भी इलाके में छिपा हो सकता है। घने जंगल और पहाड़ी क्षेत्र का फायदा उठाकर दूसरा आतंकी वहां से खिसकने में कामयाब रहा। फिलहाल सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया है और चप्पे-चप्पे को खंगाला जा रहा है।
इस महत्वपूर्ण ऑपरेशन पर भारतीय सेना की 'व्हाइट नाइट कॉर्प्स' ने आधिकारिक बयान जारी कर पुष्टि की है। सेना ने सोशल मीडिया पर बताया कि खुफिया एजेंसियों के इनपुट के आधार पर अलर्ट जवानों ने तेजी से कार्रवाई की। सेना ने स्पष्ट किया कि "एक पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादी का खात्मा कर दिया गया है और एलओसी के किसी भी तरह के उल्लंघन को सफलतापूर्वक रोक दिया गया है।" रक्षा विशेषज्ञों का भी मानना है कि सेना का मजबूत एंटी-इन्फिल्ट्रेशन ग्रिड (घुसपैठ रोधी तंत्र) पूरी तरह से अभेद्य है और यह कार्रवाई उसी का प्रमाण है।
फिलहाल नौशेरा और उसके आस-पास के सेक्टरों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। भाग निकले दूसरे आतंकवादी की तलाश के लिए 'सर्च एंड डिस्ट्रॉय' (खोजो और नष्ट करो) ऑपरेशन लगातार जारी है। सेना ने इलाके की निगरानी के लिए अपनी रणनीति को और आक्रामक कर दिया है। जमीनी बलों के साथ-साथ ड्रोन, हेलीकॉप्टर और आधुनिक सर्विलांस उपकरणों के जरिए आसमान से भी निगरानी की जा रही है, ताकि आतंकी किसी भी सूरत में बचकर न निकल सके।
पाकिस्तान अक्सर इसी रास्ते से आतंकियों को भारत में धकेलने की साजिश रचता है
यह घटना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का ढांचा अभी भी पूरी तरह सक्रिय है। नौशेरा का झंगर सेक्टर रणनीतिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील है और पाकिस्तान अक्सर इसी रास्ते से आतंकियों को भारत में धकेलने की साजिश रचता है। गौरतलब है कि अगस्त 2022 में भी इसी इलाके से घुसपैठ की कोशिश कर रहे एक आतंकी को जिंदा पकड़ा गया था। जम्मू-कश्मीर में जैसे-जैसे शांति और विकास की प्रक्रिया तेज हो रही है, सीमा पार बैठे आतंकी संगठनों की बौखलाहट बढ़ती जा रही है। ऐसे समय में यह घुसपैठ शांति भंग करने का एक हताश प्रयास है, जिसे भारतीय सेना ने बॉर्डर पर ही कुचल दिया है।