Indian Medical Association (IMA) ने नीट परीक्षा रद्द होने पर सरकार के सामने कई मांग रखी है। IMA ने कहा कि इस बार की नीट परीक्षा बड़े पैमाने पर पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ियों के आरोपों से प्रभावित हुई है। ऑनलाइन मोड में परीक्षा कराये जाने की मांग भी की गई है।
NEET 2026 Paper Leak को लेकर देशभर में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। अब इंडियन मेडिकल एसोसिएशन यानी Indian Medical Association (IMA) ने भी इस पूरे मामले पर कड़ा रुख अपनाया है। एसोसिएशन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिखकर परीक्षा प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं और पूरे सिस्टम में बड़े बदलाव की मांग की है। IMA ने अपने पत्र में कहा कि NEET-UG 2026 परीक्षा बड़े पैमाने पर कथित पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ियों के आरोपों से प्रभावित हुई है। एसोसिएशन के मुताबिक, इस तरह की घटनाएं छात्रों का भरोसा तोड़ रही हैं। लाखों छात्र सालों मेहनत करते हैं, लेकिन हर बार परीक्षा विवादों में घिर जाती है, जिससे उनका भविष्य अनिश्चित हो जाता है।
IMA ने यह भी याद दिलाया कि पिछले चार वर्षों में NEET-UG कई बार विवादों में रहा है। कभी पेपर लीक के आरोप लगे तो कभी परीक्षा रद्द करनी पड़ी। एसोसिएशन ने कहा कि अब सिर्फ बयानबाजी से काम नहीं चलेगा, बल्कि सख्त और तुरंत कार्रवाई की जरूरत है। पत्र में NTA और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। एसोसिएशन ने इस बात पर भी चिंता जताई कि इस साल 22.5 लाख से ज्यादा छात्र देशभर के 551 शहरों और करीब 5,500 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा देने पहुंचे थे। ऐसे में बार-बार सामने आने वाले विवाद छात्रों और उनके परिवारों पर भारी मानसिक दबाव डाल रहे हैं। कई परिवार आर्थिक और भावनात्मक रूप से भी प्रभावित हो रहे हैं।
IMA ने केंद्र सरकार को सुझाव दिया है कि NEET-UG परीक्षा को पूरी तरह ऑनलाइन मोड में कराया जाए ताकि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लग सके। साथ ही परीक्षा आयोजन की प्रक्रिया को विकेंद्रीकृत करने की भी बात कही गई है, जिसमें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की ज्यादा भागीदारी हो।
IMA ने मांग की है कि इसमें शामिल सभी दोषियों को गिरफ्तार करके, रोजाना सुनवाई के लिए स्पेशल फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाकर और परीक्षा में गड़बड़ी से जुड़े कानूनों के तहत सख्त सजा सुनिश्चित करके एक भरोसेमंद और समय पर जांच सुनिश्चित करें। इस मामले की जांच CBI कर रही है।
शुक्रवार को घोषणा हुई कि NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार छात्रों के हितों को लेकर पूरी तरह गंभीर है और इस बार किसी भी तरह की धांधली नहीं होने दी जाएगी। प्रधान ने यह भी साफ किया कि अगले साल से NEET-UG परीक्षा कंप्यूटर आधारित टेस्ट यानी CBT मोड में कराई जाएगी, जिससे परीक्षा प्रक्रिया को ज्यादा सुरक्षित बनाया जा सके।