15 मई 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ओडिशा में पेट्रोल-डीजल खरीदने की होड़, कुछ पंपों पर फ्यूल खत्म होने से लगे बैरिकेड

fuel consumption Odisha: ओडिशा में पेट्रोल-डीजल को लेकर लोगों में घबराहट बढ़ गई है। कई फ्यूल स्टेशनों पर लंबी कतारें लगी हैं, जबकि कुछ पंपों ने टू-व्हीलर्स के लिए ₹200 और फोर-व्हीलर्स के लिए ₹1,000 तक फ्यूल बिक्री की सीमा तय कर दी है।

2 min read
Google source verification
petrol pump

पेट्रोल पंप पर लगी कतारें (File Photo- IANS)

Odisha Petrol Pump Queues: ओडिशा के कई फ्यूल स्टेशनों पर 3-4 दिनों से पेट्रोल और डीजल के लिए लंबी लाइनें लग रही है, जिसके चलते लोग घबराकर ज्यादा पेट्रोल-डीजल खरीदने लगे हैं। यह तब है जब राज्य सरकार की ओर से स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि फ्यूल की कोई कमी नहीं है, साथ ही लोगों से अपील की है कि वे घबराकर अधिक पेट्रोल-डीजल नहीं खरीदें।

घबराहट में फ्यूल स्टेशनों पर लगी लंबी लाइन

पेट्रोल-डीजल ज्यादा खरीदे जाने का असर यह हुआ है कि भुवनेश्वर में कुछ स्टेशनों पर फ्यूल खत्म हो गया है, जिसके बाद बैरिकेड लगा दिए गए है। इतना ही कुछ दूसरे स्टेशनों ने फ्यूल की बिक्री की सीमा तय कर दी यानी दोपहिया वाहनों के लिए 200 रुपए और चारपहिया वाहनों के लिए 1,000 रुपए। इस स्थिति के लिए पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने कहा कि ग्राहकों के घबराकर ज्यादा पेट्रोल-डीजल खरीदने की वजह से यह स्थिति पैदा हुई है, जबकि ओडिशा में फ्यूल की कोई कमी नहीं है।

उत्कल पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के महासचिव संजय लाठ ने इस संबंध में कहा कि पीएम मोदी ने पेट्रोल-डीजल समझदारी से इस्तेमाल की अपील की, जिससे लोगों को लगा कि शायद कोई संकट आने वाला है। इससे घबराकर लोग अधिक-पेट्रोल डीजल खरीदने लगे। पूरे ओडिशा में पिछले तीन दिनों में पेट्रोल और डीजल की बिक्री में 50% की बढ़ोतरी हुई है।

राज्य सरकार बोली, 'घबराने की जरूरत नहीं'

राज्य में फ्यूल स्टेशनों पर लंबी लाइन लगने पर राज्य सरकार ने कहा है कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। फ्यूल की कोई कमी नहीं है। ओडिशा के खाद्य आपूर्ति और उपभोक्ता कल्याण विभाग के सचिव संजय सिंह ने कहा, ओडिशा में 1% से भी कम फ्यूल स्टेशनों पर पेट्रोल-डीजल की कुछ समय के लिए कमी हुई है, इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि कोई संकट है। संजय सिंह ने बताया कि राज्य सरकार तेल मार्केटिंग कंपनियों के लगातार संपर्क में है। हालात पर बारीकी से नजर रख रही है। ऊर्जा संकट से निपटने के लिए जिला स्तर पर संकट प्रबंधन समूह भी बनाए गए हैं।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, ओडिशा को हर दिन लगभग 45 लाख लीटर पेट्रोल और 1 करोड़ लीटर से ज्यादा डीजल की जरूरत होती है, जबकि राज्य के पास लगभग 15 दिन का न्यूनतम स्टॉक मौजूद है।

पीएम की अपील पर सीएम ने किया काफिला आधा

ईंधन बचाने की PM की अपील के बाद, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने अपने काफिले का आकार आधा कर दिया है। ओडिशा की मुख्य सचिव अनु गर्ग ने कहा कि ईंधन बचाने के उपायों के संबंध में सरकार एक-दो दिन में कुछ और फैसले लेगी।