Railway Fine: सेंट्रल रेलवे ने विदेशी पर्यटक कोटे का गलत इस्तेमाल करने वालों पर बड़ी कार्रवाई की है। चेकिंग के दौरान 121 यात्री बिना वैध दस्तावेजों के पकड़े गए, जिनसे 3.56 लाख रुपये का जुर्माना वसूल किया गया है।
Indian Railways : भारतीय रेलवे में टिकट कन्फर्म कराने के लिए कई बार लोग गलत तरीके अपना लेते हैं, लेकिन अब ऐसे लोगों पर रेलवे ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सेंट्रल रेलवे ने विदेशी पर्यटकों के लिए आरक्षित कोटे का गलत इस्तेमाल करने वाले यात्रियों के खिलाफ एक बड़ा और सख्त अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत बिना सही कागजात के यात्रा कर रहे कई भारतीय नागरिकों को पकड़ा गया है। यह पूरा मामला तब खुला जब 4 फरवरी 2026 को संघमित्रा एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 12296) में कुछ यात्री ऐसे पाए गए जिन्होंने विदेशी कोटे से टिकट तो बुक करा लिया था, लेकिन उनके पास कोई भी वैध विदेशी नागरिकता का प्रमाण या जरूरी दस्तावेज नहीं थे।
इस घटना के बाद रेलवे प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हो गया। अधिकारियों ने आने वाले दिनों की बुकिंग का बारीकी से विश्लेषण किया। इस जांच में एक चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया। पता चला कि 24 अप्रैल 2026 से 11 जून 2026 के बीच चलने वाली 31 अलग-अलग ट्रेनों में विदेशी पर्यटक कोटे के तहत 174 पीएनआर (PNR) जारी किए गए हैं। इस संदेह के आधार पर सेंट्रल रेलवे के टिकट चेकिंग स्टाफ ने ट्रेनों में स्पेशल चेकिंग अभियान शुरू कर दिया।
चेकिंग के दौरान 39 ऐसे पीएनआर पकड़े गए जिन्हें गलत तरीके से विदेशी कोटे के तहत बुक किया गया था। इन पीएनआर पर कुल 121 भारतीय यात्री अवैध रूप से सफर कर रहे थे। टीटीई और रेलवे स्टाफ ने तुरंत कार्रवाई करते हुए रेलवे नियमों के तहत इन सभी यात्रियों पर भारी जुर्माना लगाया। इन यात्रियों से जुर्माने के तौर पर कुल 3,56,916 रुपये वसूले गए। सबसे बड़ी बात यह रही कि इन अवैध यात्रियों को उनकी बर्थ से उतार दिया गया और वे खाली सीटें उन यात्रियों को दे दी गईं जो आरएसी (RAC) या वेटिंग लिस्ट में अपनी सीट कंफर्म होने का इंतजार कर रहे थे।
अब यह सवाल उठ रहा है कि आखिर भारतीयों को विदेशी कोटे के टिकट कैसे मिल गए? इसके लिए सेंट्रल रेलवे ने आईआरसीटीसी से संपर्क किया है। रेलवे यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि कहीं इस फर्जीवाड़े के पीछे अनाधिकृत ट्रैवल एजेंटों का कोई बड़ा गिरोह तो काम नहीं कर रहा है। रेलवे ने साफ चेतावनी दी है कि गलत कोटे के तहत टिकट बुक करना रेलवे अधिनियम के तहत एक गंभीर अपराध है। यात्रियों को यात्रा के दौरान उस कोटे से जुड़े सभी असली और वैध पहचान पत्र साथ रखने ही होंगे। रेलवे ने आम जनता से भी अपील की है कि अगर उन्हें ऐसे किसी फर्जीवाड़े की भनक लगे, तो वे तुरंत 'रेल मदद' ऐप या हेल्पलाइन नंबर 139 पर इसकी शिकायत दर्ज कराएं।
एक तरफ जहां कुछ लोग व्यवस्था का गलत फायदा उठा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ देश में रेलवे के बुनियादी ढांचे को लगातार मजबूत किया जा रहा है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैबिनेट द्वारा मंजूर किए गए नए रेलवे प्रोजेक्ट्स की जमकर तारीफ की है। ये प्रोजेक्ट्स मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना जैसे 6 राज्यों के 19 जिलों को कवर करेंगे। पीएम मोदी ने अपने एक 'X' (पूर्व में ट्विटर) पोस्ट में बताया कि इन प्रोजेक्ट्स से न केवल आर्थिक विकास को पंख लगेंगे, बल्कि पूरे देश में पर्यटन स्थलों तक लोगों की पहुंच भी बहुत आसान हो जाएगी। ऐसे में रेलवे को साफ-सुथरा और भ्रष्टाचार मुक्त रखना और भी जरूरी हो जाता है। ( इनपुट: ANI )