भारत की पहली बुलेट ट्रेन का सपना अगले साल पूरा होगा। 2027 तक स्वदेशी बुलेट ट्रेन बनकर तैयार हो जाएगी।
देश में रफ्तार के सपनों को आकार देने वाली नई कहानी अंतिम क्षणों में पहुंच गई है। देश की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन मार्च 2027 तक तैयार हो जाएगी। रेल मंत्रालय ने जानकारी देते हुए बताया कि यह सिर्फ एक ट्रेन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के उस विश्वास का प्रतीक है, जो अब पटरियों पर दौडऩे को तैयार है। बेंगलूरु स्थित बीईएमएल में दो बुलेट ट्रेन तैयारी की जा रही है। चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्टरी ने बीईएमएल को ट्रेन के डिज़ाइन, निर्माण और उसे शुरू करने की ज़िम्मेदारी सौंपी थी।
रेल मंत्रालय के अनुसार 2027 की पहली तिमाही तक पहली ट्रेन तैयार हो जाएगी। इसके बाद परीक्षण होंगे, ताकि हर सफर सुरक्षित और भरोसेमंद बन सके। गौरतलब है कि हाई स्पीड बुलेट ट्रेन 508 किलोमीटर मार्ग पर मुंबई और अहमदाबाद को जोड़ेगी।
कंपनी ने शुरुआत में सूरत और वापी के बीच स्वदेशी बुलेट ट्रेन शुरू करने की योजना बनाई है। 97 किलोमीटर लंबा यह मार्ग मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना का हिस्सा है। इस ट्रैक को अगस्त 2027 तक शुरू कर दिया जाएगा। रेलवे के अनुसार इस स्वदेशी बुलेट ट्रेन को 280 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने के लिए डिज़ाइन किया गया है। हालांकि शुरुआती चरण में यह 250 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी।
बताया जाता है कि स्वदेशी बुलेट ट्रेन के प्रत्येक ट्रेन सेट में 8 डिब्बे होंगे। प्रत्येक डिब्बे की कीमत 27.86 करोड़ रुपए है। इस पूरी योजना पर 866.87 करोड़ रुपए खर्च होंगे। ट्रेन में सभी कोच वातानुकूलित और चेयर कार वाले होंगे। इसके साथ ही यात्रियों के लिए रोटेट सीटें मिलेंगी