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Delhi Metro: अब सुबह 5 बजे से नहीं…इतने बजे से दौड़ेगी मेट्रो, यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत

DMRC: 5 अप्रेल को 'PNB सोल्जराथॉन' मैराथन के लिए दिल्ली मेट्रो सुबह 3 बजे से चलेगी। यह सुविधा येलो, ब्लू और वायलेट लाइन पर मिलेगी, जिससे यात्रियों के महंगे कैब किराये बचेंगे और सफर सुरक्षित होगा।

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भारत

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MI Zahir

Apr 03, 2026

दिल्ली मेट्रो । (फोटो: पत्रिका)

DMRC : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर सफर करने वाले लाखों लोगों के लिए एक बेहद शानदार और राहत भरी खबर सामने आई है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। अब दिल्ली मेट्रो की सेवाएं सुबह 3 बजे से ही शुरू कर दी जाएंगी। इस नए कदम से 5 अप्रेल के लिए उन लाखों यात्रियों को सीधा फायदा होगा, जिन्हें अपनी ड्यूटी, ट्रेन या फ्लाइट पकड़ने के लिए अलसुबह (तड़के) घर से निकलना पड़ता है।

बदलाव का असली कारण

दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 'पीएनबी सोल्जराथॉन' मैराथन का आयोजन हो रहा है। DMRC ने यह फैसला केवल इस मैराथन में भाग लेने वाले धावकों को सुबह-सुबह स्टेडियम तक पहुँचने में मदद करने के लिए लिया है।

सभी रूट्स पर नहीं चलेगी मेट्रो

5 अप्रेल को सुबह 3 बजे से सिर्फ येलो (Yellow), ब्लू (Blue) और वायलेट (Violet) लाइनों पर ही सेवाएं शुरू होंगी।

फ्रीक्वेंसी : सुबह 3 बजे से 6 बजे के बीच ट्रेनें 30-30 मिनट के अंतराल पर चलेंगी। सुबह 6 बजे के बाद सभी लाइनों पर रविवार का सामान्य टाइम-टेबल लागू हो जाएगा।

सुबह 3 बजे से मेट्रो चलने से न सिर्फ लोगों के पैसे बचेंगे

लंबे समय से यह मांग उठ रही थी कि मेट्रो की टाइमिंग को थोड़ा और जल्दी किया जाए। खासकर उन लोगों के लिए जो नाइट शिफ्ट में काम करते हैं या जिन्हें नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और आईजीआई एयरपोर्ट जाना होता है। पहले सुबह 5:30 या 6 बजे तक मेट्रो के चलने का इंतजार करना पड़ता था। इस कारण लोगों को मजबूरी में महंगे कैब या ऑटो का सहारा लेना पड़ता था। अब सुबह 3 बजे से मेट्रो चलने से न सिर्फ लोगों के पैसे बचेंगे, बल्कि उनका सफर भी पहले से ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक होगा।

महिलाओं को सफर के दौरान कोई डर या परेशानी नहीं होगी

सुरक्षा के लिहाज से भी मेट्रो प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। सुबह 3 बजे के समय स्टेशनों पर पर्याप्त रोशनी और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवानों की उचित तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। इससे किसी भी यात्री, विशेषकर महिलाओं को सफर के दौरान कोई डर नहीं रहेगा, या परेशानी नहीं होगी। मेट्रो प्रशासन का मानना है कि शुरुआती दौर में यात्रियों की संख्या के आधार पर ही ट्रेनों के फेरे (फ्रीक्वेंसी) तय किए जाएंगे।

दिल्लीवासियों के लिए एक बड़ा तोहफा

इस फैसले से दिल्ली-एनसीआर की रफ्तार और बढ़ जाएगी। यह फैसला उन छात्रों और कामगारों के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है जो सुबह जल्दी उठकर दूर-दराज के इलाकों में जाते हैं। कुल मिलाकर, DMRC का यह कदम दिल्लीवासियों के लिए एक बड़े तोहफे की तरह है। आसान और सुरक्षित यातायात किसी भी आधुनिक शहर की पहचान होता है, और दिल्ली मेट्रो ने इस दिशा में एक और बड़ा मील का पत्थर पार कर लिया है। यात्रियों ने मेट्रो के इस फैसले का जोरदार स्वागत किया है। सोशल मीडिया पर लोग इसे DMRC का बेहतरीन कदम बता रहे हैं।

बहुत खुश होंगे रोजाना सफर करने वाले यात्री

पहले मुझे सुबह 4 बजे की ट्रेन पकड़ने के लिए 400 से 500 रुपये देकर कैब बुक करनी पड़ती थी। अब मैं मात्र 40-50 रुपये में आराम से और समय पर स्टेशन पहुँच सकूंगा। कामकाजी महिलाओं का कहना है कि रात के अंधेरे या अलसुबह कैब/ऑटो में अकेले सफर करने के मुकाबले मेट्रो में सफर करना ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद है।

मेट्रो के सिस्टम को नए टाइम-टेबल के अनुसार अपडेट किया जा रहा है

इस बड़ी खबर के बाद अब सभी की नजरें DMRC के अगले आधिकारिक अपडेट पर टिकी हैं। प्रशासन जल्द ही यह स्पष्ट करेगा कि क्या यह अलसुबह की सुविधा सभी लाइनों (जैसे ब्लू, येलो, रेड लाइन) पर एक साथ लागू होगी, या शुरुआत में इसे केवल एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन और कुछ प्रमुख रूट्स पर ही शुरू किया जाएगा। इसके अलावा, मेट्रो के सिस्टम को नए टाइम-टेबल के अनुसार अपडेट किया जा रहा है। यह भी बताया जा रहा है कि एक महीने बाद इस योजना की समीक्षा की जाएगी ताकि यह पता चल सके कि सुबह 3 बजे के स्लॉट में कितने यात्री सफर कर रहे हैं और क्या ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की जरूरत है।

इन एग्रीगेटर्स के व्यापार में भारी कमी आ सकती है

इस फैसले का सबसे बड़ा और सीधा असर ओला , उबर जैसी कैब कंपनियों और ऑटो चालकों पर पड़ेगा। अमूमन अलसुबह कैब कंपनियां मनमाना सरचार्ज और ज्यादा किराया वसूलती थीं। मेट्रो के 3 बजे शुरू होने से इन एग्रीगेटर्स के व्यापार में भारी कमी आ सकती है।

अब सुबह 3 बजे आवाजाही की कोई बड़ी समस्या नहीं रहेगी

दूसरी तरफ, इसका एक सकारात्मक पहलू यह भी है कि दिल्ली में 24x7 खुल रहे व्यापारिक प्रतिष्ठानों और 'नाइट लाइफ इकोनॉमी' को इससे बड़ा बूम मिलेगा। रेस्टोरेंट, कॉल सेंटर और अन्य जगहों पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए अब आवाजाही की कोई बड़ी समस्या नहीं रहेगी।