International Drug Trafficking: पंजाब पुलिस ने रविवार को कहा कि उसने पाकिस्तान से जुड़े एक इंटरनेशनल ड्रग कार्टेल का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
Pakistan-Backed Drug Cartel: पंजाब पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान से जुड़े इंटरनेशनल ड्रग नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया है। यह मामला इसलिए और चौंकाने वाला है क्योंकि गिरफ्तार किए गए छह आरोपियों में एक सेना का जवान और पंजाब पुलिस का बर्खास्त कर्मचारी भी शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से 4.8 किलो हेरोइन, एक पिस्तौल और भारी मात्रा में ड्रग मनी बरामद की है।
डीजीपी गौरव यादव के मुताबिक, पकड़े गए लोगों में इंडियन आर्मी का जवान जरनैल सिंह, पुलिस का पूर्व कर्मचारी अमरदीप सिंह, फिरोजपुर की डिंपल रानी, और मोगा जिले के रमनदीप कौर, सरबजीत सिंह व अमृतपाल सिंह शामिल हैं। ड्रग तस्करी से जुड़े ऐसे हैरान कर देने वाले कनेक्शन ने पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा दिया है।
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से 4.8 किलो हेरोइन, 30,000 रुपये की संदिग्ध ड्रग मनी, एक .30 बोर की पिस्टल, तीन कारतूस, और तस्करी में इस्तेमाल होने वाली दो गाड़ियां- थार और XUV-500 बरामद की हैं।
डीजीपी गौरव यादव के मुताबिक, यह गिरफ्तारी दो महीने तक चले एक बड़े इंटेलिजेंस ऑपरेशन का नतीजा है। जांच के दौरान जेलों के भीतर से मिल रहे ड्रग नेटवर्क के सुरागों को जोड़ा गया, जिससे पाकिस्तान तक फैले इस रैकेट के लिंक सामने आए। शुरुआती जानकारी में पता चला है कि आरोपी पाकिस्तान के तस्करों के संपर्क में थे, जो ड्रोन के जरिए बॉर्डर पार से हेरोइन भेजते थे।
फरीदकोट की एसएसपी प्रज्ञा जैन ने बताया कि यह सफलता तब मिली जब 20–21 फरवरी की रात सीआईए स्टाफ ने ग्रीन एवेन्यू के पास एक थार गाड़ी को रोका। तलाशी में 1.008 किलो हेरोइन और नकद मिला, और चार आरोपियों को वहीं गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में पता चला कि यह माल अमरदीप सिंह ने सप्लाई किया था, जो XUV-500 में सफर कर रहा था।
इसके बाद पुलिस ने अमरदीप और उसकी साथी डिंपल रानी को पकड़ा और उनके पास से 3.796 किलो हेरोइन और एक पिस्तौल मिली। अमरदीप के खिलाफ पहले से नौ आपराधिक केस दर्ज हैं, जबकि बाकी आरोपियों पर भी NDPS और आर्म्स एक्ट के तहत केस हैं।
आरोपियों ने जांच में बताया कि वे चेकपोस्ट और टोल प्लाजा की जांच से बचने के लिए फर्जी ऑफिशियल आईडी का इस्तेमाल करते थे। पुलिस अब बॉर्डर पार के हैंडलर्स और राज्य के अंदर मौजूद सप्लाई नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। आगे की पूछताछ जारी है।