US Israel Iran tension: ईरान-अमेरिका-इजराइल टकराव के बीच भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने अमेरिकी और इजराइली हमलों को मानव गरिमा और संप्रभुता पर हमला बताया, वहीं डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग को सिरे से खारिज कर दिया।
Mohammad Fathali statement on Iran Israel US War: ईरान के भारत में राजदूत मोहम्मद फथाली (Mohammad Fathali) अपने देश में अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाइयों की कड़ी निंदा की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आत्मसमर्पण वाले बयान पर करार जवाब देते हुए उन्होंने बढ़ते तनाव को सिर्फ क्षेत्रीय विवाद नहीं, बल्कि मूल्यों की टकराहट बताया है।
दिल्ली में मोहम्मद फथाली ने कहा कि यह स्थिति केवल राजनीतिक या सैन्य संघर्ष नहीं है, बल्कि एक गहरी नैतिक लड़ाई है। आज जो कुछ हो रहा है वह केवल राजनीतिक या सैन्य संघर्ष नहीं है। यह हमला सत्य और असत्य के बीच चल रही लड़ाई की निरंतरता है।
उन्होंने इस संघर्ष को दो विचारधाराओं के टकराव के रूप में बताया। उनके मुताबिक, “एक तरफ मानव गरिमा, न्याय और राष्ट्रों के स्वतंत्र रूप से जीने के अधिकार की बात है, जबकि दूसरी तरफ दमन, अन्याय और वर्चस्व की मानसिकता है।” उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाई केवल ईरान के खिलाफ नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय कानून और देशों की संप्रभुता के सिद्धांतों के खिलाफ भी है।
फथाली ने कहा, “अमेरिका और इजरायली शासन द्वारा ईरान के खिलाफ की गई क्रूर सैन्य आक्रामकता इस अन्याय का स्पष्ट उदाहरण है। यह हमला सिर्फ ईरान के खिलाफ नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कानून, मानव गरिमा और राष्ट्रों के अपने भविष्य तय करने के अधिकार के खिलाफ भी है।”
ईरानी राजदूत ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान की जनता और नेतृत्व इस सैन्य दबाव से पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा, “हम ईरान के लोग साफ घोषणा करते हैं कि इस रास्ते पर हम या तो जीत हासिल करेंगे या शहादत पाएंगे। हमारे लिए दोनों ही सम्मान और खुशी की बात हैं।”
ईरान की तरह से जीत या शहादत का बयान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के शुक्रवार को किए गए सोशल मीडिया पोस्ट के बाद आया है।
उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा था कि अमेरिका और उसके सहयोगी, खासकर इजरायल (Israel), तभी किसी समझौते पर विचार करेंगे जब ईरान का मौजूदा नेतृत्व पूरी तरह झुक जाए और उसकी जगह “बेहतर और स्वीकार्य नेता” आएं। ट्रंप ने यह भी कहा कि आत्मसमर्पण के बाद अमेरिका और उसके सहयोगी ईरान को फिर से मजबूत बनाने में मदद करेंगे।
यह घटनाक्रम उस समय सामने आया है जब 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei और कई वरिष्ठ अधिकारियों की मौत हो गई थी, जिसके बाद क्षेत्र में तनाव तेजी से बढ़ गया।