ईरान और US-इजरायल के बीच 28 फरवरी से शुरू हुई जंग पर पूरी दुनिया की नजर है। ईरान-इजरायल जंग के बीच भारतीय सेना की ताकत में इजाफा हुआ है।
Iran and US-Israel conflict: ईरान और US-इजरायल के बीच 28 फरवरी से शुरू हुई जंग की वजह से पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारतीय सेना की ताकत बढ़ी है। भारतीय सेना को आज लाइट मशीन गन की पहली खेप मिली है। इसके तहत भारतीय सेना को आज 2000 लाइट मशीन गन सौंपी गई हैं। इन मशीन गन का नाम 'प्रहार' है। अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने 'प्रहार' को तैयार किया है। इस मशीन गन को अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने 'मेक इन इंडिया' विजन के तहत तैयार किया है।
भारतीय सशस्त्र बलों को सौंपी गई LMG 'प्रहार' काफी खास है। यह LMG 7.62 MM कैलिबर की है, जो सेना की पुरानी 5.56 MM की LMG 'इंसास' की जगह लेगी। यह आधुनिक LMG एक मिनट में 700 राउंड की ताबड़तोड़ फायरिंग करने में सक्षम है। सटीक लक्ष्य भेदने के साथ ही इसकी मारक क्षमता 1,000 मीटर है। अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के CEO आशीष राजवंशी ने कहा कि कंपनी को 7 साल में कुल 41,000 LMG उपलब्ध कराने का लक्ष्य दिया गया है। राजवंशी ने कहा कि हमारी टीम इस प्रोजेक्ट पर तेजी से काम कर रही है। प्रोजक्ट पर तेजी से चल रहे कार्य की प्रगति के हिसाब से कंपनी 3 साल से भी कम समय में 41,000 LMG उपलब्ध कराने का लक्ष्य पूरा कर लेगी।
अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के CEO आशीष राजवंशी ने बताया कि हमारी कंपनी पहली 2,000 LMG की डिलीवरी के बाद हर महीने 1,000 मशीन गन बनाने की क्षमता हासिल कर चुकी है, जो अब तक का एक अनोखा रिकॉर्ड है। राजवंशी ने कहा कि यह उपलब्धि 'मेक इन इंडिया' रणनीति की वजह से संभव हो पाई है। शुरुआती दौर में टेक्नोलॉजी पार्टनर्स से मदद मिली, जिसके बाद कंपनी ने लगातार मेहनत और अनुभव के दम पर खुद को मजबूत किया। साल 2020 में 'आत्मनिर्भर भारत' के विजन के साथ इस यात्रा की शुरुआत हुई थी और पिछले 6 वर्षों में कंपनी एक छोटे कंपोनेंट निर्माता से पूरी तरह हथियार बनाने वाली कंपनी बन गई है।