Iran War : ईरान पर अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमलों के बीच भारत से उठी मजबूत आवाज में AIMIM अध्यक्ष और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि वे युद्ध (Iran War) रोकने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi Trump) इस मुददे […]
Iran War : ईरान पर अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमलों के बीच भारत से उठी मजबूत आवाज में AIMIM अध्यक्ष और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि वे युद्ध (Iran War) रोकने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi Trump) इस मुददे पर चुप्पी तोड़ें (Owaisi Modi Appeal)। ओवैसी ने मोदी से कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात करके इस संघर्ष को तुरंत रोका जा सकता है (Trump Stop War)। उन्होंने हैदराबाद में मीडिया से बातचीत करते हुए ईरान पर हुए हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने इसे अमानवीय, अनैतिक और अवैध करार दिया। ओवैसी ने कहा, "ट्रंप और इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रमजान के पवित्र महीने में ईरान पर संयुक्त हमला किया है। ईरान-अमेरिका के बीच जेनेवा में चल रही बातचीत सफलता के करीब थी, लेकिन अमेरिका ने वार्ता रोक कर इजराइल के साथ मिल कर हमला कर दिया।" उन्होंने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत (Khamenei Assassination) पर गहरा दुख जताया और इसे क्षेत्रीय अस्थिरता का बड़ा कारण बताया।
ओवैसी ने विशेष रूप से प्रधानमंत्री मोदी से अपील करते हुए कहा, "हमें उम्मीद है कि भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस युद्ध को रोकने में अहम भूमिका निभाएंगे। मोदी जी, ट्रंप से युद्ध रोकने के लिए कहें। भारत की वैश्विक स्थिति और दोस्ती के रिश्तों को देखते हुए यह जिम्मेदारी उनकी है।" उन्होंने चेतावनी दी कि यदि युद्ध फैला तो पूरे पश्चिम एशिया में भारी उथल-पुथल, अनिश्चितता और अस्थिरता फैल जाएगी। ओवैसी ने याद दिलाया कि इस क्षेत्र में करीब एक करोड़ भारतीय काम करते हैं, जिनकी सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी की मांग भी की, खासकर ईरान और इजराइल में फंसे लोगों की।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ओवैसी का यह बयान हैदराबाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आया, जहां उन्होंने भारत की तटस्थ विदेश नीति पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत को क्षेत्रीय संघर्ष में किसी एक पक्ष का समर्थन नहीं करना चाहिए, बल्कि शांति और संवाद के माध्यम से मध्यस्थता करनी चाहिए। ओवैसी ने मोदी सरकार की इजराइल यात्रा को भी समय से बाहर और भारत की पारंपरिक नीति के खिलाफ बताया, क्योंकि ठीक उसी समय हमले शुरू हुए।
ओवैसी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान-अमेरिका-इजराइल तनाव चरम पर है। ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है, जबकि भारत ने आधिकारिक तौर पर संयम बरतने और संवाद की अपील की है। ओवैसी की मांग है कि भारत अपनी कूटनीतिक ताकत का इस्तेमाल कर युद्ध को रोके, क्योंकि इससे भारत के ऊर्जा आयात, व्यापार और प्रवासी भारतीयों पर गहरा असर पड़ सकता है।