
India China- Jairam Ramesh Statement: चीन को लेकर कांग्रेस ने एक बार फिर मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोला है। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि चीन के सामने मोदी सरकार का घुटने टेकने का सिलसिला जारी है। उन्होंने कहा कि चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि देश के उद्योग का बड़ा हिस्सा बर्बाद हो रहा है। जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार चीन के सामने सुनियोजित तरीके से झुकती जा रही है।
जयराम रमेश ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश को लेकर चीन की उकसावे वाली हरकतें जारी हैं। मेडोग में दुनिया का सबसे बड़ा पनबिजली प्रोजेक्ट चल रहा है, जिससे ब्रह्मपुत्र नदी को लेकर भारत की जल सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। पूर्वी लद्दाख में कई जगहों पर भारत की पहले से चली आ रही नियमित पेट्रोलिंग और पशु चराने के अधिकारों को छोड़ दिया है।
प्रधानमंत्री ने साल 2020 को सार्वजनिक रूप से चीन को क्लीन चिट दे दी थी, जबकि लद्दाख में हमारे सशस्त्र बलों के बीस बहादुर जवान शहीद हो चुके थे। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की हरकतों में चीन की अहम भूमिका को डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ ने माना था और यह बात दस्तावेजों में दर्ज है।
केंद्र सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई नई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि कुछ समय पहले अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने चीन के क्षेत्रीय दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा था कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा है और राज्य के लोग ऐसे दावों को गंभीरता से नहीं लेते। वहीं भारतीय सेना ने भी अरुणाचल प्रदेश में चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की ओर से नए अतिक्रमण की खबरों को गलत और पूरी तरह बेबुनियाद बताया था।
जयराम रमेश ने एक्स पर पोस्ट कर केंद्र सरकार के फैसले की आलोचना की। उन्होंने मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि केंद्रीय बिजली मंत्रालय ने इस साल जनवरी में ऐसी कंपनियों को कुछ अहम बिजली परियोजनाओं की बोली में हिस्सा लेने की छूट देने की मांग की थी, जिनकी भारत में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है। इनमें चीन से जुड़ी चार बिजली उपकरण कंपनियां भी शामिल हैं।
पिछले महीने बीजिंग में भारत और चीन के बीच सीमा मामलों पर परामर्श एवं समन्वय कार्य तंत्र (WMCC) की 35वीं बैठक हुई थी। बैठक में दोनों देशों ने LAC की स्थिति की समीक्षा की और सीमा पर शांति बनाए रखने के प्रयासों पर संतोष जताया। साथ ही सीमा प्रबंधन और द्विपक्षीय सहयोग से जुड़े मुद्दों पर बातचीत जारी रखने पर भी सहमति बनी।