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वैश्विक झटकों ने परीक्षा ली, अब भारत मजबूती से उभरा है: जयशंकर

छत्तीसगढ़ के IIM में विदेश मंत्री एस. जयशंकर शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच युवाओं की भूमिका और उनकी तैयारी पर विस्तार से बात की।

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Apr 05, 2026
IIM रायपुर में वार्षिक दीक्षांत समारोह(Photo- S. Jaishankar 'X')

छत्तीसगढ़ के नया रायपुर स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) रायपुर के 15वें दीक्षांत समारोह में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। इस दौरान विदेश मंत्री ने छात्रों को संबोधित किया। कार्यक्रम में विदेश मंत्री ने अपने भाषण में बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच युवाओं की भूमिका और उनकी तैयारी पर जोर दिया।

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दुनिया के राजनीतिक, आर्थिक और सामरिक परिवर्तनों पर नजर रखें

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने IIM-रायपुर में छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का युग तेजी से बदलावों का है, जहां सीमाओं के पार होने वाली घटनाएं सीधे हमारे जीवन और करियर को प्रभावित करती हैं। ऐसे में छात्रों को केवल अपनी पढ़ाई या विशेष क्षेत्र तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि दुनिया में हो रहे राजनीतिक, आर्थिक और सामरिक परिवर्तनों को भी गहराई से समझना चाहिए। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को कहा कि दुनिया के तेजी से बदलते और अत्यधिक प्रतिस्पर्धी माहौल के बीच भारत मजबूती से खड़ा है।

कई वैश्विक झटकों ने भारत की परीक्षा ली

एस. जयशंकर ने कहा कि कई वैश्विक झटकों के बावजूद भारत ने अपनी चुनौतियों को सफलतापूर्वक संभाला है। उन्होंने कहा- कोई भी इस बात से इनकार नहीं कर सकता कि हाल के समय में कई वैश्विक झटकों ने हमारी क्षमता की परीक्षा ली है। भारत उनसे मजबूती से उभरा है। जयशंकर ने आगे कहा कि दुनिया इस समय शक्ति संतुलन में बड़े बदलाव और बढ़ते जोखिमों के दौर से गुजर रही है।

ऐसे में भारत की मजबूती और स्थिरता पूरी दुनिया में अलग नजर आ रही है। भारत ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तरों पर चुनौतियों का डटकर सामना किया है। विदेश मंत्री ने जोर देकर कहा कि मजबूत राष्ट्रीय क्षमताओं का निर्माण ही वैश्विक मंच पर प्रभाव बढ़ाने का सबसे अहम तरीका है। उन्होंने स्नातकों से अपील की कि वे न सिर्फ अपनी करियर में सफल हों, बल्कि देश की प्रगति और वैश्विक नेतृत्व में भी सक्रिय भूमिका निभाएं।

विदेश नीति केवल कूटनिति तक सीमित नहीं

जयशंकर ने विदेश नीति के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि यह केवल कूटनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यापार और उद्योग को अंतरराष्ट्रीय बाजार में आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी है। छात्रों को उन्होंने प्रेरित किया कि वे वैश्विक सोच के साथ अपने कौशल का उपयोग करें और भारत का नाम दुनिया में ऊंचा करें। उन्होंने छात्रों को सफलता का मंत्र देते हुए कहा कि प्रतिस्पर्धा हर क्षेत्र में मौजूद है, इसलिए निरंतर मेहनत, नेतृत्व क्षमता और मजबूत संबंध बनाना बेहद जरूरी है।

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Published on:
05 Apr 2026 02:07 am
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