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‘जल्दी भागो नहीं तो…’, घुसपैठियों पर भड़के CM शुभेंदु अधिकारी कहा- जेलों में खर्च नहीं करेंगे जनता का पैसा

पश्चिम बंगाल में अवैध बांग्लादेशी घुसपैठ को लेकर सियासत तेज है। मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने ‘डिटेक्ट, डिलीट, डिपोर्ट’ नीति के तहत सख्त कार्रवाई की बात कही है और घुसपैठियों की पहचान व वापसी प्रक्रिया तेज करने पर जोर दिया है।
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May 26, 2026
Illegal Bangladeshis
बंगाल में अवैध बांग्लादेशियों पर सख्ती (Photo X)

Illegal Bangladeshis In Bengal: पश्चिम बंगाल में अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को लेकर बंगाल सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए सरकार ने 'डिटेक्ट, डिलीट, डिपोर्ट' (Detect, Delete, Deport) नीति तेज कर दी है। सीमा क्षेत्र पर इकट्ठा हुए संदिग्धों को चेतावनी देते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा, 'जल्दी-जल्दी भागो नहीं तो जो करना है सरकार करेगी।' उन्होंने साफ किया कि सरकार अब जनता का पैसा इन लोगों पर खर्च नहीं करेगी। इस नीति के तहत सभी 23 जिलों में 'होल्डिंग सेंटर्स' बनाने के निर्देश दिए गए हैं, जिसकी शुरुआत मालदा से हो चुकी है। वहीं, घुसपैठ और डेमोग्राफी में बदलाव को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने भी एक उच्च स्तरीय समिति बनाने की घोषणा की है।

'जल्दी-जल्दी भागो' बयान से बढ़ा विवाद

एक प्रशासनिक बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए राज्य के मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने दावा किया कि सीमा क्षेत्र पर बड़ी संख्या में कथित अवैध बांग्लादेशी नागरिक मौजूद हैं और वे स्वेच्छा से वापस जाना चाहते हैं। उन्होंने कहा, 'जल्दी-जल्दी भागो नहीं तो जो करना है सरकार करेगी।' इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। मुख्यमंत्री का कहना है कि सरकार अब इस मुद्दे पर और देरी नहीं करेगी।

जनता का पैसा बर्बाद नहीं करेंगे- सीएम

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि सरकार का पैसा जेलों में इन लोगों पर खर्च करना ठीक नहीं है। उनका कहना था कि अवैध घुसपैठ का असर सीधे तौर पर स्थानीय लोगों और राज्य के संसाधनों पर पड़ता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पहले इस मुद्दे को वोट बैंक की राजनीति के कारण नजरअंदाज किया गया, लेकिन अब सरकार कानून के तहत सख्त कार्रवाई करेगी।

पहचान करो, रिकॉर्ड से हटाओ, देश से वापस भेजो

राज्य सरकार ने अवैध घुसपैठियों की पहचान और कार्रवाई के लिए नई नीति शुरू की है, जिसका नाम 'डिटेक्ट, डिलीट, डिपोर्ट' (Detect, Delete, Deport) रखा गया है। इस नीति के तहत कथित अवैध नागरिकों की पहचान, रिकॉर्ड से हटाने और उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया तेज की जा रही है। सरकार ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि अस्थायी होल्डिंग सेंटर बनाए जाएं, जहां पकड़े गए लोगों को रखा जा सके जब तक कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती।

मालदा में पहला होल्डिंग सेंटर शुरू

मालदा जिला इस व्यवस्था को लागू करने वाला पहला क्षेत्र बन गया है। यहां इंग्लिश बाजार के चंदन पार्क में एक होल्डिंग सेंटर बनाया गया है। यहां नौ संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को रखा गया है, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।प्रशासन का कहना है कि यह सेंटर अस्थायी रूप से उन लोगों के लिए है जिन्हें अवैध रूप से सीमा पार करने के संदेह में पकड़ा गया है राज्य सरकार ने कहा था कि अवैध घुसपैठियों को सीधे सीमा सुरक्षा बल को सौंपा जाएगा ताकि प्रक्रिया तेज हो सके।

इसी बीच केंद्र सरकार की ओर से भी इस मुद्दे पर चर्चा तेज हुई है। गृह मंत्रालय ने देश में जनसंख्या बदलाव और अवैध घुसपैठ के प्रभावों को लेकर एक उच्च स्तरीय समिति बनाने की घोषणा की है। सरकारों का कहना है कि सीमा सुरक्षा और अवैध घुसपैठ पर नियंत्रण अब प्राथमिकता बन चुका है, और आने वाले समय में इसे लेकर और सख्त कदम देखने को मिल सकते हैं।

Updated on:
26 May 2026 08:13 pm
Published on:
26 May 2026 08:13 pm