राष्ट्रीय

जम्मू-कश्मीर में पुलिसकर्मी हत्या के बाद बड़ा एक्शन, दो आतंकियों के मकान ढहाए गए

LeT terrorists Houses Demolished in Jammu-Kashmir : जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में पुलिसकर्मी की हत्या के बाद प्रशासन ने लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकवादियों के घर ध्वस्त कर दिए।
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Homes of Two LeT Terrorists Bulldozed in Jammu-Kashmir Anantnag
जम्मू-कश्मीर में प्रशासन द्वारा दो आतंकियों के घर ढहाए। (Screen Grab- X/@AdityaRajKaul)

Anantnag terror attack: जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में पुलिसकर्मी की हत्या के बाद प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े दो आतंकवादियों के घर ढहा दिए। इसकी जानकारी गुरुवार को दी गई। अधिकारियों के मुताबिक, आतंकवादी आदिल ठोकर और हारून रशीद गनई के घरों को बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात में जमींदोज कर दिया गया।

आपको बता दें कि प्रशासन ने यह कार्रवाई अनंतनाग के लाल चौक में पुलिसकर्मी को गोली मारे जाने के कुछ घंटों बाद की। जिस समय आतंकियों ने हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन की हत्या की, उस वक्त वह अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात थे।

कश्मीर में इससे पहले भी आतंकवादियों के घरों को ध्वस्त किया गया है, लेकिन हिंसक घटनाओं में गिरावट आने के चलते पिछले लगभग एक वर्ष से इस तरह की कार्रवाई बंद थी।

अधिकारियों ने पिछले कुछ वर्षों में कई ऐसे मकानों और संपत्तियों पर कार्रवाई की है, जिनके बारे में दावा किया गया कि वे सक्रिय आतंकवादियों से जुड़ी थीं या उनका इस्तेमाल आतंकियों को पनाह देने, हथियार छिपाने अथवा आतंकी गतिविधियों में किया जाता था।

हालांकि, प्रशासन की नीति की विपक्षी दलों और नागरिक अधिकार संगठनों ने आलोचना भी की है। उनका कहना है कि घरों को ढहाना सामूहिक दंड के समान है, क्योंकि इससे ऐसे परिजन भी प्रभावित होते हैं, जिन पर किसी भी अपराध का आरोप नहीं है।

श्रीनगर पुलिस का तलाशी अभियान

अनंतनाग में पुलिसकर्मी की हत्या के बाद आतंकवाद समर्थक नेटवर्क पर शिकंजा कसने के लिए श्रीनगर पुलिस ने जिले के विभिन्न इलाकों में व्यापक तलाशी और छापेमारी अभियान चलाया है। इस कार्रवाई के दौरान करीब 700 संदिग्ध 'ओवर ग्राउंड वर्कर्स' (ओजीडब्ल्यू) को हिरासत में लिया गया।

पुलिस के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उन आतंकी नेटवर्क की पहचान कर उन्हें ध्वस्त करना है, जिनके माध्यम से आतंकवादी संगठनों को रसद, वित्तीय सहायता, संचार, परिवहन, सुरक्षित ठिकाने और अन्य प्रकार का सहयोग उपलब्ध कराया जाता है।

जांच के दौरान साक्ष्य जुटाने, संदिग्धों की पहचान सुनिश्चित करने और आतंकवादी गतिविधियों या उनके सहयोगी तंत्र की किसी भी गैर-कानूनी कोशिश को विफल करने के लिए जिले के कई स्थानों पर व्यापक तलाशी अभियान भी चलाया गया।

Updated on:
23 Jul 2026 11:53 am
Published on:
23 Jul 2026 11:28 am
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