
LG House March: जम्मू-कश्मीर को एक बार फिर से पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर सियासत गर्मा गई है। रविवार को जम्मू में कांग्रेस पार्टी ने इस मांग को लेकर सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी के कार्यकर्ता और नेता राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम एक ज्ञापन सौंपने के लिए उपराज्यपाल (LG) आवास की ओर मार्च कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। जिसके बाद कांग्रेस के दर्जनों नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया है।
जम्मू-कश्मीर को तुरंत पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। वे अपनी इस मांग के समर्थन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक ज्ञापन सौंपना चाहते थे, जिसके लिए उन्होंने जम्मू में लोक भवन (एलजी आवास) की तरफ मार्च निकाला।
रविवार को निकाले गए इस मार्च को पुलिस ने आगे बढ़ने से रोक दिया और उसे नाकाम कर दिया। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कांग्रेस के दर्जनों नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
जनसभा खत्म होने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में पार्टी के झंडे और बैनर लेकर लोक भवन की ओर निकल पड़े, जिन पर साफ अक्षरों में 'हमारी रियासत, हमारा हक' का नारा लिखा था। पार्टी के नेताओं ने साफ कहा कि इस पूरे अभियान का असली मकसद आम लोगों की उम्मीदों और भावनाओं को सबके सामने लाना है, ताकि केंद्र सरकार पर दबाव बनाया जा सके कि वह जम्मू-कश्मीर को फिर से पूर्ण राज्य का दर्जा देने के अपने पुराने वादे को पूरा करें।
कांग्रेस के जम्मू-कश्मीर अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने बताया कि पार्टी पहले इस आंदोलन को 20 जुलाई को खत्म करने वाली थी। लेकिन नेशनल कॉन्फ्रें के धरने को देखते हुए कांग्रेस ने अपनी रणनीति बदली और इसे तय समय से एक दिन पहले ही करने का फैसला कर लिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि एक दिन पहले धरना देकर कांग्रेस यह साबित करना चाहती है कि पूर्ण राज्य का दर्जा मांगने का मुद्दा सबसे पहले उसी ने उठाया था। इस धरने के जरिए पार्टी जम्मू में अपनी ताकत दिखाना चाहती है, जिसमें कांग्रेस के सभी विधायक, बड़े नेता, पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक एकजुट होकर शामिल होने जा रहे हैं।