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चुनाव आयोग की प्रेस रिलीज पर कांग्रेस के सवाल, जयराम रमेश बोले- आरोपों का खंडन नहीं किया

Jairam Ramesh: कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने चुनाव आयोग की प्रेस रिलीज पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग ने SIR, Form 6, ECINET और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर उठे सवालों का सीधे खंडन नहीं किया। कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR तत्काल रोकने की मांग दोहराई है।
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भारत

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Anurag Animesh

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Sep 26, 2026

jairam ramesh

जयराम रमेश(फोटो-ANI)

Congress On Election Commission: विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर जारी विवाद के बीच कांग्रेस ने चुनाव आयोग की 26 सितंबर की प्रेस रिलीज पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस महासचिव और मीडिया प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि आयोग ने इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों और उसके बाद उठे सवालों का सीधे तौर पर खंडन नहीं किया है। जयराम रमेश ने अपने बयान में कहा कि आयोग ने प्रेस नोट के जरिए आरोपों को गलत या निराधार बताने के बजाय उनका बचाव करने की कोशिश की है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को दोहराते हुए SIR को तत्काल रोकने की भी मांग की हैं।

EC ने आरोपों को सीधे खारिज नहीं किया-कांग्रेस

जयराम रमेश ने कहा कि इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट और उसके बाद सामने आई खबरों के साथ-साथ देशभर में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद चुनाव आयोग ने 26 सितंबर को प्रेस नोट जारी किया है। कांग्रेस नेता के मुताबिक, आयोग ने रिपोर्ट में सामने आए आरोपों को सीधे तौर पर गलत नहीं बताया है। उन्होंने कहा कि प्रेस नोट के कुछ हिस्सों में आयोग ने इन आरोपों को कमतर दिखाने की कोशिश की है, लेकिन यह नहीं कहा कि लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं।

गोवा के 97 मतदाताओं का मुद्दा उठाया

कांग्रेस ने गोवा में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मामले को भी चुनाव आयोग के सामने उठाया। जयराम रमेश ने कहा कि आयोग ने बताया है कि 97 में से 81 मतदाताओं ने दोबारा नाम शामिल कराने के लिए Form 6 भर दिया है। कांग्रेस महासचिव ने सवाल किया कि अगर इन मतदाताओं के नाम दोबारा जोड़ने की प्रक्रिया शुरू हो गई है तो पहले उनका नाम मतदाता सूची से क्यों हटाया गया।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देने पर सवाल

जयराम रमेश ने कहा कि चुनाव आयोग ने Form 6 और उससे जुड़े Declaration की व्यवस्था को सही ठहराने के लिए सुप्रीम कोर्ट के 27 मई 2026 के आदेश का हवाला दिया है। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि यह आदेश हाल में सामने आए विवाद और रिपोर्टों से पहले आया था। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल इस आदेश का हवाला देने से मतदाता सूची से नाम हटाए जाने और इससे पैदा हुई परेशानियों से जुड़े सवाल खत्म नहीं होते।

दिल्ली-महाराष्ट्र की समय-सीमा बढ़ाने पर भी सवाल

चुनाव आयोग ने दिल्ली और महाराष्ट्र में मतदाता सूची से जुड़े दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समय-सीमा बढ़ाने की घोषणा की है। जयराम रमेश ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए पूछा कि कर्नाटक और तेलंगाना के मतदाताओं के लिए क्या व्यवस्था होगी। उन्होंने बिहार और पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर भी जवाब मांगा। कांग्रेस नेता ने कहा कि जिन राज्यों में मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, वहां के लोगों को भी स्पष्ट जवाब मिलना चाहिए।

कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई

कांग्रेस ने अपने बयान में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े कई आरोपों का जिक्र किया। इनमें फैसलों में कथित एकतरफापन, विपक्ष के प्रति कथित पक्षपात, मतदाता सूची और Gen Z मतदाताओं के रजिस्ट्रेशन से जुड़े आरोप शामिल हैं।