
Andhra Pradesh Politics: आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और जन सेना पार्टी के नेता पवन कल्याण ने मंगलवार को बड़ा ऐलान किया है। पवन ने कहा कि उनकी पार्टी तेलंगाना में बनी रहेगी और 2029 के चुनाव लड़ेगी। अभिनेता से नेता बने पवन ने कहा कि वह किसी धमकियों से डरने वाले नहीं है, अगर जरूरत पड़ी तो वह तेलंगाना का दौरा करेंगे।
पवन कल्याण ने कहा कि तेलंगाना भारत का एक अभिन्न अंग है। इसके साथ ही उन लोगों पर पलटवार किया है जो उन्हें धमकी दे रहे थे कि तेलंगाना उनके पिता की निजी जागीर नहीं है। अपने जुबली हिल्स स्थित आवास के बाहर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पवन कल्याण ने कहा कि जब पुलिस ने कानून-व्यवस्था की संभावित समस्याओं का हवाला देते हुए जन सेना को बैठक आयोजित करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था।
पवन को सुनने के लिए बड़ी संख्या में जन सेना के कार्यकर्ता जमा हुए, जबकि पुलिस ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए बैरिकेड लगा दिए और यातायात प्रतिबंध लागू कर दिए। उन्होंने घोषणा की कि जन सेना पार्टी निश्चित रूप से 2029 के तेलंगाना विधानसभा चुनाव लड़ेगी, हालांकि गठबंधन के फैसले बाद में लिए जाएंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल उनका तेलंगाना से व्यक्तिगत रूप से चुनाव लड़ने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने विभाजनकारी राजनीति में उलझने के बजाय रोजगार के अवसरों, शासन के मुद्दों और कांग्रेस सरकार की छह गारंटियों के कार्यान्वयन पर बहस करने का आह्वान किया। साथ ही पवन कल्याण ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर निशाना साधा है।
आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ने कुछ नेताओं द्वारा दी गई धमकियों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की, जिसमें कहा गया था कि उन्हें तेलंगाना में घूमने की अनुमति नहीं दी जाएगी। कुछ नेता कह रहे हैं कि मैं हैदराबाद में कैसे प्रवेश करूंगा। क्या तेलंगाना तुम्हारे पिता की निजी जागीर है? तुम मुझे धमकी देने वाले कौन होते हो? उन्होंने अपने समर्थकों की जोरदार तालियों के बीच पूछा।
मैं आंध्र में मुख्यमंत्री नहीं बन सका। क्या मैं तेलंगाना में मुख्यमंत्री बनूंगा? तुम्हें किस बात का डर है? उन्होंने पूछा और टिप्पणी की कि उन्हें सत्ता से नहीं, बल्कि बदलाव से प्यार है। जन सेना नेता ने आरोप लगाया कि जो लोग उन्हें धमकी दे रहे हैं, उन्हें इस बात का डर है कि जन सेना तेलंगाना में जागरूकता पैदा कर सकती है।