
JDU Action Against Neelam Devi: जेडीयू ने मोकामा विधायक अनंत सिंह को पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित करने के बाद उनकी पत्नी नीलम देवी पर एक और बड़ा एक्शन लिया है। नीलम देवी को पार्टी ने 20 सूत्रीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति से हटा दिया है। इससे पहले उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था। वहीं अब नीलम देवी से राज्य मंत्री का दर्जा भी वापस ले लिया है।
बता दें कि शनिवार को जेडीयू ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए मोकामा से विधायक अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को निष्कासित कर दिया था। दरअसल, एमएलसी चुनाव के दौरान अनंत सिंह ने जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी अनुज सिंह का समर्थन किया था। वहीं अपनी पार्टी जेडीयू प्रत्याशी नीरज कुमार के खिलाफ खुलकर बगावत की।
शनिवार को पार्टी से निष्कासित होने के बाद विधायक अनंत सिंह ने रविवार को इस मामले में प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने पार्टी और वरिष्ठ नेताओं पर जमकर भड़ास निकाली। साथ ही अनुज सिंह पर भी निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि जेडीयू का आगामी चुनावों में खाता भी नहीं खुलेगा। अनंत सिंह (Ananat Singh) ने आगे कहा कि नीतीश कुमार (Nitish Kumar) भगवान थे, इसलिए इतने दिन पार्टी चल गई। नीतीश कुमार के जाने के बाद पार्टी खत्म हो गई।
पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने विधायक अनंत सिंह को जेडीयू से छह साल के लिए निकाले जाने पर कहा कि आरएसएस और बीजेपी की राजनीति ऐसी है कि पहले लोगों का इस्तेमाल किया जाता है और फिर उन्हें छोड़ दिया जाता है।
उन्होंने सवाल उठाया कि आनंद मोहन, दिनेश जी, अजय मंडल और गिरधारी यादव के साथ क्या किया गया? उनके अनुसार, इन नेताओं के साथ जो कुछ हुआ, उससे यही लगता है कि राजनीति में लोगों का इस्तेमाल करके बाद में उन्हें किनारे कर दिया जाता है।
पप्पू यादव ने कहा कि इस पूरे विवाद के पीछे दो लोग हैं- ललन बाबू और संजय झा।
उन्होंने यह भी कहा कि अनंत सिंह ने अनुशासन के बारे में जो बात कही, वह सही थी। अगर कोई विधायक या सांसद पार्टी के नियमों को तोड़ता है, तो पार्टी को उसके खिलाफ कार्रवाई करने का पूरा अधिकार है। लेकिन अनुशासन का नियम सभी नेताओं पर समान रूप से लागू होना चाहिए। ऐसा नहीं होना चाहिए कि किसी एक नेता पर कार्रवाई हो और दूसरे नेता की गलती को नजरअंदाज कर दिया जाए।