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बिहार में अनंत सिंह की पत्नी नीलम का गया मंत्री पद का दर्जा, दो दिन पहले किया था पार्टी से निष्कासित

Neelam Devi Expelled from JDU: बिहार की राजनीति में नीलम देवी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। JDU से निष्कासन के बाद अब उन्हें 20 सूत्री कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति से भी हटा दिया गया है। इसके साथ ही उनका डिप्टी मिनिस्टर का दर्जा भी छिन गया है। अब सवाल उठ रहा है कि क्या नीलम देवी को सरकारी बंगला भी खाली करना पड़ेगा?
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Updated: 26 Oct 2026, 2:30 PM IST
Anant Singh
अनंत सिंह की पत्नी पर जेडीयू ने लिया एक्शन (Photo-IANS)

JDU Action Against Neelam Devi: जेडीयू ने मोकामा विधायक अनंत सिंह को पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित करने के बाद उनकी पत्नी नीलम देवी पर एक और बड़ा एक्शन लिया है। नीलम देवी को पार्टी ने 20 सूत्रीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति से हटा दिया है। इससे पहले उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था। वहीं अब नीलम देवी से राज्य मंत्री का दर्जा भी वापस ले लिया है।

अनंत सिंह और नीलम देवी को पार्टी से किया निष्कासित

बता दें कि शनिवार को जेडीयू ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए मोकामा से विधायक अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को निष्कासित कर दिया था। दरअसल, एमएलसी चुनाव के दौरान अनंत सिंह ने जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी अनुज सिंह का समर्थन किया था। वहीं अपनी पार्टी जेडीयू प्रत्याशी नीरज कुमार के खिलाफ खुलकर बगावत की। 

पार्टी पर भड़के अनंत सिंह

शनिवार को पार्टी से निष्कासित होने के बाद विधायक अनंत सिंह ने रविवार को इस मामले में प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने पार्टी और वरिष्ठ नेताओं पर जमकर भड़ास निकाली। साथ ही अनुज सिंह पर भी निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि जेडीयू का आगामी चुनावों में खाता भी नहीं खुलेगा। अनंत सिंह (Ananat Singh) ने आगे कहा कि नीतीश कुमार (Nitish Kumar) भगवान थे, इसलिए इतने दिन पार्टी चल गई। नीतीश कुमार के जाने के बाद पार्टी खत्म हो गई।

पप्पू यादव ने क्या कहा? 

पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने विधायक अनंत सिंह को जेडीयू से छह साल के लिए निकाले जाने पर कहा कि आरएसएस और बीजेपी की राजनीति ऐसी है कि पहले लोगों का इस्तेमाल किया जाता है और फिर उन्हें छोड़ दिया जाता है।

उन्होंने सवाल उठाया कि आनंद मोहन, दिनेश जी, अजय मंडल और गिरधारी यादव के साथ क्या किया गया? उनके अनुसार, इन नेताओं के साथ जो कुछ हुआ, उससे यही लगता है कि राजनीति में लोगों का इस्तेमाल करके बाद में उन्हें किनारे कर दिया जाता है।

पप्पू यादव ने कहा कि इस पूरे विवाद के पीछे दो लोग हैं- ललन बाबू और संजय झा।

उन्होंने यह भी कहा कि अनंत सिंह ने अनुशासन के बारे में जो बात कही, वह सही थी। अगर कोई विधायक या सांसद पार्टी के नियमों को तोड़ता है, तो पार्टी को उसके खिलाफ कार्रवाई करने का पूरा अधिकार है। लेकिन अनुशासन का नियम सभी नेताओं पर समान रूप से लागू होना चाहिए। ऐसा नहीं होना चाहिए कि किसी एक नेता पर कार्रवाई हो और दूसरे नेता की गलती को नजरअंदाज कर दिया जाए।

Updated on:
26 Oct 2026, 2:30 PM IST
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