Jamtara Social Media Animal Cruelty: झारखंड के खूंटी जिले में एक युवक पर आरोप है कि उसने जंगली जानवरों—जिनमें संरक्षित प्रजातियां भी शामिल हैं—का शिकार किया और उन्हें मार डाला।
Jharkhand Man Kills Snakes for Likes: सोशल मीडिया पर वायरल होने के लिए एक युवक ऐसा कदम उठाया कि पुलिस ने धर लिया। अपने वीडियो पर व्यूज बढ़ाने के लिए वह अपराध कर बैठा। जी हां, झारखंड के खूंटी जिले में सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के लिए एक युवक ने संरक्षित वन्यजीवों का शिकार कर उनका वीडियो बनाने और खाने तक का सिलसिला चला रखा था। इस घटना ने पूरे राज्य में सनसनी मचा दी है। वन विभाग और पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की।
अधिकारियों के अनुसार, इंस्टाग्राम पर एक अकाउंट से नियमित रूप से वीडियो अपलोड किए जा रहे थे। इन वीडियो में एक युवक रसेल वाइपर (दुनिया के सबसे जहरीले सांपों में से एक), भारतीय रॉक पायथन और कई संरक्षित पक्षियों को पकड़ते, मारते, काटते और फिर उन्हें पकाकर खाते दिख रहा था। वीडियो वायरल होने के बाद वन्यजीव अधिकारों के कार्यकर्ताओं ने खूंटी पुलिस और वन विभाग में शिकायत दर्ज कराई।
जांच में आरोपी की पहचान लुतार पूर्ति के रूप में हुई। वन विभाग ने उसके खिलाफ वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। पूर्ति को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई। अधिकारियों ने बताया कि उसने कई संरक्षित प्रजातियों का शिकार किया था, जो कानूनन गंभीर अपराध है। पूर्ति के परिवार ने वन विभाग को आवेदन देकर दावा किया कि वह मानसिक रूप से परेशान है। परिवार का कहना था कि सांप का मांस खाने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई थी। उन्होंने माफी मांगते हुए चिकित्सा उपचार की अनुमति मांगी।
वन विभाग ने आरोपी को बांड पर रिहा कर दिया है। परिवार ने आश्वासन दिया है कि जब भी बुलाया जाएगा, वह पूछताछ के लिए हाजिर होगा। वन विभाग की टीम आगे की जांच कर रही है और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वन्यजीव कार्यकर्ताओं ने इस घटना पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि जानवरों की हत्या को ‘मनोरंजन’ और ‘लाइक-व्यूज’ का जरिया बनाना बेहद खतरनाक रुझान है। यह न सिर्फ अवैध है बल्कि समाज में हिंसा और संवेदनहीनता को बढ़ावा दे रहा है। यह मामला सोशल मीडिया की अंधी दौड़ में युवाओं के गिरते नैतिक स्तर को उजागर करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में जागरूकता अभियान के साथ-साथ सख्त कानूनी सजा जरूरी है, ताकि अन्य युवा भी ऐसा न करें।