
रांची में चल रहे प्रदर्शन में अब नया मोड़ आ गया है। प्रदर्शनकारियों ने साफ कह दिया है कि वे सरकार से बात तो करेंगे, लेकिन शर्त एक ही है। मुख्यमंत्री खुद खुले मंच पर, मीडिया के सामने लाइव आकर बात करें। बंद कमरे में बुलाकर बात करने का तरीका अब उन्हें मंजूर नहीं है।
एक प्रदर्शनकारी ने बताया कि कल रात की मीटिंग में यह फैसला लिया गया। वे सरकार से बात करने के लिए तैयार हैं। समय अभी तय नहीं हुआ है। लेकिन एक और मांग जोड़ दी गई है। अगर मुख्यमंत्री खुले प्लेटफॉर्म पर, कैमरे के सामने बात करने को तैयार हैं तो सही समाधान निकल सकता है।
प्रदर्शनकारी छात्र ने कहा कि पहले के आंदोलनों में शामिल कुछ साथियों को बंद कमरे में बुला लिया गया। बातचीत हुई, लेकिन नतीजा कुछ ठोस नहीं निकला। अब लगता है कि फिर वही कोशिश हो रही है। सरकार 5 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को बुला रही है।
उन्होंने आगे कहा कि ऐसा लग रहा कि सरकार इस बात को टालने और आंदोलन को किसी तरह से खत्म कराने की कोशिश कर रही है। वे ऐसा नहीं चाहते। छात्र ने साफ कहा कि मुख्यमंत्री अगर बात करना चाहते हैं तो खुले मंच पर आएं। उनका स्वागत है।
प्रदर्शनकारी छात्र ने कहा- मुख्यमंत्री कैमरे के सामने जो कहना चाहें कह सकते हैं। अगर प्रस्ताव ठीक लगा तो हम मान लेंगे। नहीं तो नहीं मानेंगे। यह रुख इसलिए मजबूत हुआ है क्योंकि बंद कमरे की चर्चाओं पर विश्वास नहीं बचा।
बता दें कि प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि सब कुछ पारदर्शी हो। जनता और मीडिया के सामने बात हो ताकि कोई गलतफहमी न रहे। उनका कहना है कि पहले भी ऐसे ही बुलावा आया था, लेकिन नतीजा सिफारिशों और वादों तक सीमित रह गया। असली समस्याएं जस की तस रहीं।
रांची का यह प्रदर्शन पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब इस नई शर्त ने और ध्यान खींचा है। लोग सोशल मीडिया पर भी इस बात पर बात कर रहे हैं कि खुली चर्चा क्यों जरूरी है।
प्रदर्शनकारी कह रहे हैं कि वे कोई बात छिपाना नहीं चाहते। अगर समाधान निकलना है तो सबके सामने निकले। सरकार की तरफ से अभी कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया है।