
Jharkhand Protest: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली के मुद्दे को लेकर छात्र विधानसभा का घेराव कर रहे है। पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर वाटर कैनन और लाठीचार्ज किया। जिससे छात्रों को चोटें भी आई है। घायल छात्र प्रदर्शनकारी ब्रजकिशोर ने घटना के बारे में बताते हुए कहा कि मैं बैरिकेडिंग से करीब 150-200 मीटर पीछे खड़ा था। पुलिस की ओर से किए गए वाटर कैनन के कारण मैं थोड़ा भीग भी गया था।
छात्र ने कहा कि तभी अचानक पुलिस ने लाठीचार्ज शुरू कर दिया। मुझे समझ में ही नहीं आया कि ऐसा क्यों हुआ। पुलिस ने मुझे डंडे से मारा। मैंने वहां से भागने की कोशिश की, लेकिन गिर गया। मेरे पैर में भी चोट लगी है।
घायल छात्र ने कहा कि मैं अभी यहीं बैठा हूं। हमने ऐसा कुछ भी नहीं किया था, जिससे सरकार को हम पर लाठीचार्ज करना पड़े। हमारी मांगें बहुत सामान्य और जायज हैं। हमें सरकार से उम्मीद है। फिर सरकार हम पर लाठीचार्ज क्यों कर रही है?
घायल छात्र ने सरकार से सवाल करते हुए कहा कि जब प्रदर्शनकारी अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे, तो उन पर लाठीचार्ज करने की जरूरत क्यों पड़ी।
विधानसभा घेराव के दौरान एक व्यक्ति पुष्पा फिल्म के किरदार के रूप में तैयार होकर पहुंचा। उसने कहा कि झारखंड के छात्र न झुकेंगे, न रुकेंगे, जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता।
उसने कहा कि मैं ‘पुष्पा स्टाइल’ में विरोध करने आया हूं। लोगों ने बताया कि बड़े अभिनेता और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर उस विरोध प्रदर्शन का समर्थन करने के लिए जंतर-मंतर पहुंचे थे। ये भी छात्र हैं, इसलिए हमें इनके साथ भेदभाव नहीं करना चाहिए।
व्यक्ति ने कहा कि यह मामला राष्ट्रीय मीडिया तक पहुंचना चाहिए और इन छात्रों को न्याय मिलना चाहिए। जिस तरह माता-पिता अपने बच्चों की मांगों के आगे झुक जाते हैं, उसी तरह सरकार को भी इन छात्रों की मांगों को मानना चाहिए।
प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज होने पर रांची एसपी रूरल गौरव गोस्वामी की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि जब प्रदर्शनकारियों में से कुछ ने आखिरी बैरिकेडिंग तक पहुंचने की कोशिश की, जहां पहले से ही सेक्शन 163 लागू है, तो हल्का लाठीचार्ज किया गया। लाठी का कम से कम इस्तेमाल किया गया। हम स्टूडेंट्स से लगातार बात कर रहे हैं। वे अभी शांत हैं, हम उनसे लगातार बात कर रहे हैं। स्टूडेंट्स हमसे कुछ देर के लिए यहीं रुकने के लिए मान गए हैं।