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Jharkhand Student Protest: छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने अस्पताल से युवाओं के नाम लिखा भावुक खत, बोले- ‘मेरी भूख हड़ताल जारी रहेगी’

Devendra Nath Mahto Hunger Strike: झारखंड छात्र आंदोलन के बीच देवेंद्र नाथ महतो ने सदर अस्पताल से युवाओं के नाम खुला पत्र लिखा है। 10वें दिन भी भूख हड़ताल जारी रखते हुए उन्होंने संपूर्ण न्याय तक संघर्ष का ऐलान किया है।
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Aug 11, 2026
Devendra Nath Mahto
अस्पताल से लिखा खत(फोटो-X/@DevendraNathMa9)

Devendra Nath Mahto: झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन लगातार जारी है। इस बीच छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने सदर अस्पताल से युवाओं के नाम एक भावुक खुला पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद उनकी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रहेगी और जब तक छात्रों को पूरा न्याय नहीं मिल जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। देवेंद्र नाथ महतो ने अपने पत्र में 10 अगस्त को विधानसभा घेराव कार्यक्रम को सफल बनाने वाले सभी सहयोगियों का आभार जताया। उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की।

अस्पताल से भी जारी रखा आंदोलन

देवेंद्र नाथ महतो ने सदर अस्पताल से जारी अपने खुले पत्र में कहा कि अस्पताल में रहने के बावजूद उनका आंदोलन खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने युवाओं से संघर्ष में साथ देने की अपील करते हुए कहा कि छात्रों के अधिकार और न्याय की लड़ाई जारी रहेगी।

हेमंत सोरेन ने विधानसभा में क्या कहा?

छात्र आंदोलन के बीच मंगलवार को झारखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का भी बयान सामने आया। उन्होंने विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। सोरेन ने कहा कि परीक्षा आयोजित कराने वाली कंपनी टीडीपीएल का उत्तर प्रदेश से कनेक्शन है और पूरे मामले के पीछे साजिश है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक रंग दे रहे हैं और लोकतंत्र को खरीदने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने कुछ परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया है और छात्रों की ज्यादातर मांगें मान ली गई हैं। सोरेन ने यह भी कहा कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए आईआईटी जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं की सलाह ली जाएगी।

'विपक्ष छात्रों का चोला पहनकर आंदोलन कर रहा'

10 अगस्त को रांची में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रशासन की कार्रवाई का बचाव किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने धैर्य का परिचय दिया और प्रदर्शनकारी उस क्षेत्र तक पहुंच गए, जहां पूरे साल धारा 144 लागू रहती है।

सोरेन ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग गेरुआ वस्त्र पहनकर दुनिया को दिग्भ्रमित कर रहे हैं और अब छात्रों का चोला पहनकर सामने आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे लोगों ने विधानसभा की गरिमा को तार-तार किया और इसके बावजूद लोकतंत्र की बात करते हैं।

Updated on:
11 Aug 2026 07:47 pm
Published on:
11 Aug 2026 07:29 pm