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Prashant Kishor: छात्रों पर लाठीचार्ज से भड़के प्रशांत किशोर, बोले- ‘युवाओं के गुस्से से बचने के लिए उन पर हो रहा लाठीचार्ज’

Jharkhand Student Protest: झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी आंदोलन के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर प्रशांत किशोर ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि युवाओं के गुस्से को लाठी के बल पर नहीं दबाया जा सकता।
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Aug 11, 2026
Prashant Kishor news
प्रशांत किशोर(फोटो-IANS)

Prashant Kishor On Jharkhand Student Protest: झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज को लेकर जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सभी सरकारों पर सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक, खराब शिक्षा व्यवस्था और बेरोजगारी से परेशान युवा जब सड़कों पर उतरेंगे तो उन्हें लाठी के बल पर नहीं रोका जा सकता। प्रशांत किशोर ने कहा कि जंतर-मंतर फिर पटना और अब झारखंड में भी छात्रों के प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन मुद्दों के लिए सरकारें जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ युवाओं के गुस्से को दबाने के लिए बल प्रयोग किया जा रहा है।

प्रशांत किशोर ने आगे क्या कहा?

मीडिया से बात करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि जब लोग पेपर लीक से परेशान होंगे, खराब एजुकेशन सिस्टम से परेशान होंगे और बेरोजगारी से परेशान होंगे, तो युवा सड़कों पर उतरेंगे ही। जो नेता इसके लिए जिम्मेदार हैं, वे युवाओं के गुस्से से बचने के लिए उन पर लाठीचार्ज करवा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि लाठीचार्ज का आदेश देकर युवाओं की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने इसे एक ऐसा मुद्दा बताया जो केवल लाठीचार्ज से खत्म नहीं होगा। उनके मुताबिक, सरकार को रोजगार और शिक्षा से जुड़ी मूल समस्याओं पर ध्यान देना होगा।

उन्होंने चेतावनी दी कि अगर भविष्य में भी पेपर लीक की घटनाएं होती रहीं तो उस समय सत्ता में रहने वाली सरकार को इसके राजनीतिक नतीजे भुगतने पड़ सकते हैं। प्रशांत किशोर ने कहा कि युवाओं और छात्रों को डराकर उनके आंदोलन को नहीं रोका जा सकता।

छात्रों पर कैसे हुआ लाठीचार्ज?

झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्र सोमवार को विधानसभा का घेराव करने के लिए आगे बढ़े थे। प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पहले से बैरिकेडिंग की थी और कंटीले तार लगाए गए थे। प्रदर्शनकारी छात्रों की भीड़ जब बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने लगी तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटे तो पुलिस ने लाठीचार्ज किया। लाठीचार्ज के बाद मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। मार्च करते हुए प्रदर्शनकारी विधानसभा के गेट तक पहुंच गए थे।

Updated on:
11 Aug 2026 04:28 pm
Published on:
11 Aug 2026 04:28 pm