राष्ट्रीय

जॉन ब्रिटास ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लिखा पत्र, Form 6 में अतिरिक्त घोषणा पर उठाए सवाल

SIR विवाद के बीच जॉन ब्रिटास ने CEC ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर ऑनलाइन Form 6 में अतिरिक्त घोषणा पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कानूनी आधार और संबंधित फाइलें सार्वजनिक करने की मांग की है।
2 min read
• •
Sep 27, 2026
Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार(फोटो-ANI)

John Brittas letter to CEC: विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच जारी विवाद में अब केरल से सीपीआईएम के राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखा है। ब्रिटास ने ऑनलाइन Form 6 में जोड़ी गई अतिरिक्त घोषणा को लेकर सवाल उठाते हुए इसे वापस लेने और इससे जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की है।

Form 6 में अतिरिक्त घोषणा को लेकर सवाल

जॉन ब्रिटास ने अपने पत्र में कहा कि ऑनलाइन Form 6 के साथ एक अतिरिक्त घोषणा जोड़ी गई है और इसे मतदाता सूची में नाम जुड़वाने वाले आवेदकों के लिए अनिवार्य किया गया है। उनके मुताबिक, यह घोषणा आवेदकों से उनकी या उनके माता-पिता अथवा दादा-दादी की पिछली SIR मतदाता सूची में मौजूदगी से जुड़ी जानकारी मांगती है। ब्रिटास ने सवाल उठाया कि 'मतदाता पंजीकरण नियम, 1960' के तहत निर्धारित वैधानिक फॉर्म में बदलाव किए बिना और सरकारी गजट में संबंधित अधिसूचना जारी किए बिना आयोग ऑनलाइन Form 6 और SIR के दौरान इस्तेमाल होने वाली अतिरिक्त घोषणा के बीच अंतर कैसे कर सकता है।

26 सितंबर के EC स्पष्टीकरण पर भी सवाल

चुनाव आयोग ने 26 सितंबर को जारी प्रेस नोट में कहा था कि SIR के दौरान Form 6 से जुड़ी घोषणा को सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा है। आयोग ने साथ ही स्पष्ट किया कि SIR से बाहर की अवधि में 1960 के नियमों के तहत लागू फॉर्म का इस्तेमाल किया जाएगा। ब्रिटास ने इसी स्पष्टीकरण पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे विवाद खत्म होने के बजाय और जटिल हो गया है। उन्होंने आयोग से पूछा कि यदि मूल वैधानिक Form 6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है, तो ऑनलाइन प्रक्रिया में अतिरिक्त घोषणा को अनिवार्य करने का कानूनी आधार क्या है।

पुराने चुनावी रिकॉर्ड नहीं मिलने वाले आवेदकों की मुश्किलों का मुद्दा

ब्रिटास ने पत्र में उन नागरिकों की परेशानियों का भी जिक्र किया है, जो अपनी या अपने परिवार की पुरानी चुनावी जानकारी खोजने में सक्षम नहीं हैं। उनका सवाल है कि ऐसे आवेदकों के लिए ऑनलाइन Form 6 की प्रक्रिया किस तरह काम करेगी और अतिरिक्त घोषणा की अनिवार्यता का उनके आवेदन पर क्या असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस और आयोग के स्पष्टीकरण में ऑनलाइन इस आवश्यकता के अधिकार, SIR के दौरान इसके संचालन और पुराने चुनावी रिकॉर्ड नहीं खोज पाने वाले आवेदकों से जुड़े सवालों का पर्याप्त समाधान नहीं हुआ है।

Form 6 से जुड़े रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग

राज्यसभा सांसद ने चुनाव आयोग से आग्रह किया है कि अतिरिक्त घोषणा को Form 6 से जोड़ने के फैसले से संबंधित फाइलों में हुई चर्चा और निर्णय प्रक्रिया को सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने आयोग से अपनी आपत्तियों पर जल्द स्पष्टीकरण देने की भी मांग की है।

Updated on:
27 Sept 2026 08:42 pm
Published on:
27 Sept 2026 08:42 pm