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JPSC-JSSC Protest पर झारखंड सीएम हेमंत सोरेन का बयान, बोले- ‘हमारा लक्ष्य बड़े सुधार करना है, छात्रों से बातचीत हो रही है’

Hemant Soren On JPSC-JSSC Protest: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार छात्रों से बातचीत के लिए तैयार है और बड़े सुधारों पर काम कर रही है।
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Updated: 7 Aug 2026, 2:49 PM IST
JPSC-JSSC Protest news
झारखंड सीएम हेमंत सोरेन(फोटो-ANI)

Hemant Soren: झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि उनकी सरकार छात्रों से बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ तत्काल समाधान नहीं, बल्कि ऐसे बड़े और ठोस सुधार करना है जो भविष्य में छात्रों की अपेक्षाओं के अनुरूप व्यवस्था को मजबूत करें।

हेमंत सोरेन बोले- सरकार हर छात्र की समस्या समझना चाहती है

रांची में चल रहे JPSC-JSSC उम्मीदवारों के विरोध-प्रदर्शन पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार पहले से ही संवाद की प्रक्रिया तय कर चुकी है और छात्रों से बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार हर छात्र की समस्याओं को समझने के लिए गंभीर है। इसके साथ ही प्रयास किया जा रहा है कि छात्रों की आवाज केवल जयपाल सिंह स्टेडियम तक सीमित न रहे, बल्कि उसे व्यापक स्तर पर सुना जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ऐसे ठोस और बड़े सुधारों की दिशा में काम करना चाहती है, जो छात्रों की जरूरतों और उम्मीदों के अनुरूप हों।

CJP ने छात्रों को दिया पूरा समर्थन

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि उनकी पार्टी झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने बताया कि पार्टी का प्रतिनिधिमंडल प्रदर्शन स्थल का दौरा कर चुका है और वहां छात्रों को भोजन सहित अन्य जरूरी सामान उपलब्ध करा रहा है। दीपके ने कहा कि वह स्वयं भी प्रदर्शन स्थल पर जाने की योजना बना रहे हैं, हालांकि फिलहाल स्वास्थ्य संबंधी कारणों से ऐसा नहीं कर पा रहे हैं।

'छात्र खुद आंदोलन की अगुवाई करें'

अभिजीत दीपके ने कहा कि बड़ी संख्या में छात्र खुद आगे आकर आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं और यही लोकतांत्रिक तरीके से सबसे मजबूत संदेश है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी नहीं चाहती कि पूरे आंदोलन का श्रेय केवल CJP को मिले। उनका मानना है कि छात्रों को अपने अधिकारों और देश की शिक्षा व्यवस्था के लिए खुद आगे आकर संघर्ष करना चाहिए।

AISA अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंकी गई

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की प्रेसिडेंट नेहा बोरा भी रांची आंदोलन में पहुंची थीं। लेकिन शुक्रवार को उनके ऊपर स्याही फेंकी गई। इसके बाद उन्होंने कहा कि 20 जुलाई को हम पर आंसू गैस के गोले फेंके गए, हमारे खिलाफ पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया, जब हम डरे नहीं तो यह मामूली स्याही हमारा क्या कर सकती है?

Updated on:
7 Aug 2026, 2:49 PM IST
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