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JPSC-JSSC छात्रों के आंदोलन ने लिया हिंसक मोड़, विधायक जयराम महतो ने रांची पुलिस को बताया कायर

Ranchi student protest: रांची में JPSC-JSSC छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन पर रात में पुलिस लाठीचार्ज, विधायक जयराम महतो ने पुलिस को बताया कायर, महिला छात्राओं पर भी हमले का आरोप। पढ़ें पूरी खबर।
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Aug 11, 2026
Jharkhand Student Protest, Ranchi News, Deepika Pandey Singh
JLKM के विधायक जयराम महतो | फोटो सोर्स- IANS

JPSC-JSSC Student Movement: रांची में रात के अंधेरे में पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज किया। दिन भर शांतिपूर्वक जारी आंदोलन रात होते ही खौफनाक मंजर में तब्दील हो गया। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के नेता व डुमरी से विधायक जयराम महतो ने रांची पुलिस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि रांची पुलिस ने कायराना हरकत की। इससे झारखंड पुलिस की छवि को गहरा धक्का पहुंचा है।

पुलिसिया कार्रवाई झकझोर देने वाली है

जयराम महतो ने देर रात मीडिया से बाततचीत करते हुए कहा कि पुलिस की कार्रवाई झकझोर देने वाली है। महतो ने कहा कि सोमवार शाम तक आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण था, लेकिन रात होते ही झारखंड पुलिस ने अंधेरे की आड़ में लाइटें बुझा दीं। छात्रों को यह कहकर बिठाया गया कि उनसे बातचीत की जाएगी। छात्र भी उम्मीद लगाए वहीं बैठे रहे कि शायद कोई ठोस बात होगी, लेकिन इसके बजाय उन पर बर्बर तरीके से लाठीचार्ज कर दिया गया।

महिलाओं पर पुरुष पुलिसकर्मियों ने बरसाए डंडे

इस पूरे मामले में सबसे गंभीर आरोप महिला छात्राओं को लेकर लगा है। जयराम महतो ने कहा कि आंदोलन में शामिल महिलाओं पर भी पुरुष पुलिसकर्मियों ने हमला किया, जबकि वहां उन्हें संभालने के लिए कोई महिला पुलिसकर्मी मौजूद ही नहीं थी। यह बात अपने आप में दिखाती है कि प्रशासन ने इस पूरे ऑपरेशन की कोई ठीक से योजना नहीं बनाई थी या फिर जानबूझकर ऐसा किया गया।

विधायक जयराम महतो ने साफ कहा कि आंदोलन को लेकर आगे क्या रुख अपनाया जाएगा, इसका फैसला जल्द लिया जाएगा और वे छात्रों के साथ पूरी तरह खड़े रहेंगे। उन्होंने कहा कि जिस तरह आंदोलन के दौरान वे छात्रों के साथ रहे, आगे भी उनका साथ नहीं छोड़ेंगे।

सोमवार को छात्रों ने किया था विधानसभा का घेराव

सोमवार को झारखंड लोक सेवा आयोग यानी JPSC और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग यानी JSSC की परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर छात्रों ने विधानसभा घेराव का ऐलान किया था। इसी मार्च के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए झारखंड पुलिस ने लाठी और वॉटर कैनन दोनों का इस्तेमाल किया।

आंदोलनकारी छात्र लंबे समय से मांग कर रहे हैं कि JSSC-CGL परीक्षा को रद्द किया जाए, इसमें हुई गड़बड़ियों की जांच CBI से कराई जाए और पूरी भर्ती प्रक्रिया में सुधार लाया जाए। छात्रों ने कहा कि राज्य की झामुमो सरकार ने अब तक उनकी मांगों को पूरी तरह स्वीकार नहीं किया है।

क्या कहा सीएम हेमंत सोरेन ने

दूसरी तरफ झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को कहा कि सरकार छात्रों के अपनी बात रखने के अधिकार का सम्मान करती है। छात्रों की मांगों को बातचीत के जरिए सुलझाया जाएगा। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए प्रशासन और पुलिस अधिकारियों का धन्यवाद किया, यह कहते हुए कि उन्होंने पूरी स्थिति को संयम, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ संभाला। सोरेन ने छात्रों से भी अपील की कि वे किसी भी राजनीतिक बयानबाजी से प्रभावित न हों और इस मुद्दे को बातचीत तथा आपसी भरोसे के जरिए सुलझाने की दिशा में आगे बढ़ें।

Updated on:
11 Aug 2026 07:31 am
Published on:
11 Aug 2026 07:18 am