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JSSC JE Paper Leak: परीक्षा कराने वाली एजेंसी का डायरेक्टर गिरफ्तार, पटना में अभ्यर्थियों को रटवाया गया था पर्चा

JSSC JE Paper Leak Case: SIT ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा 2022 में आयोजित जूनियर इंजीनियर परीक्षा का पेपर लीक होने के मामले में अहम कार्रवाई की है। परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी के डायरेक्टर अरुण कुमार को मुंबई से गिरफ़्तार किया गया है।
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Aug 11, 2026
JSSC CGL paper leak CID investigation
झारखंड पेपर लीक का बड़ा खुलासा, फोटो सोर्स- IANS

JSSC JE Paper Leak: रांची में JSSC और JPSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के बीच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की 2022 की जूनियर इंजीनियर भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में बड़ी कामयाबी मिली है। रांची पुलिस की एसआईटी ने परीक्षा संचालन कराने वाली दिल्ली की एजेंसी के मुख्य निदेशक और वांटेड आरोपी अरुण कुमार को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

पहली पाली के पहले ही लीक हो गया था पेपर

झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने 3 जुलाई 2022 को राज्य भर में 1,279 जूनियर इंजीनियर (डिप्लोमा) पदों के लिए एक प्रतियोगी परीक्षा आयोजित की थी। हालांकि, परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले पहली पाली का प्रश्न पत्र और उत्तर कुंजी सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। गड़बड़ी की पुष्टि होने और उम्मीदवारों के भारी विरोध के बीच JSSC ने पूरी परीक्षा रद्द करने की घोषणा की थी।

इसके बाद, उम्मीदवार मिथिलेश कुमार महतो की लिखित शिकायत के आधार पर रांची के नामकुम पुलिस स्टेशन में केस नंबर 227/22 दर्ज किया गया। यह मामला धोखाधड़ी (IPC 420), जालसाजी (IPC 467, 468), आपराधिक साजिश (IPC 120B), IT एक्ट और बिहार परीक्षा संचालन अधिनियम के तहत दर्ज किया गया था और मामले की जांच के लिए एक SIT का गठन किया गया था।

परीक्षा से पहले उम्मीदवारों को पटना के सेफ हाउस में रखा

मामले को सुलझाने के लिए गठित SIT की जांच से पता चला कि परीक्षा आयोजित करने की जिम्मेदारी नई दिल्ली स्थित एजेंसी बाइनसिस टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड को सौंपी गई थी। जांच में सबूत मिले कि परीक्षा एजेंसी के शीर्ष अधिकारियों ने एक बाहरी सिंडिकेट के साथ मिलकर प्रश्न पत्र लीक करने की योजना बनाई थी।

लीक हुए पेपर के आधार पर सिंडिकेट के सदस्यों ने बिहार और झारखंड के दर्जनों उम्मीदवारों से संपर्क किया। परीक्षा से एक दिन पहले उम्मीदवारों को पटना के एक 'सेफ हाउस' में रखा गया था। वहां उनके लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए, उन्हें रात भर प्रश्न-पत्र के उत्तर याद कराए गए और फिर सीधे परीक्षा केंद्रों पर भेज दिया गया।

मामले में अब तक 6 गिरफ्तारी

पूरे पेपर लीक मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पहले गिरफ्तार किए गए पांच लोगों में परीक्षा देने वाले और मुख्य आरोपी रंजीत मंडल, सिंडिकेट के सदस्य दीपक कुमार, अभिषेक कुमार, दीपक श्रीवास्तव और परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी 'बाइनसिस टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड' के सीनियर मैनेजर कृष्ण कुमार शामिल हैं। वहीं अब एजेंसी के डायरेक्टर अरुण कुमार को SIT ने मुंबई से गिरफ्तार किया है।

Updated on:
11 Aug 2026 07:08 pm
Published on:
11 Aug 2026 06:56 pm