
Cauvery water-sharing dispute: कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) द्वारा कर्नाटक को तमिलनाडु के लिए 15 दिनों तक रोजाना 12,000 क्यूसेक पानी छोड़ने के निर्देश के विरोध में कन्नड़ संगठनों ने आज,13 अगस्त को कर्नाटक बंद का आह्वान किया है। यह बंद सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक रहेगा। हालांकि, इस दौरान स्कूल, बैंक, अस्पताल, फार्मेसी और सार्वजनिक परिवहन सामान्य रूप से संचालित होंगे।
बेंगलुरु सिटी पुलिस ने कन्नड़ संगठनों द्वारा बुलाए गए ‘कर्नाटक बंद’ के मद्देनजर लोगों से शांति और सहयोग बनाए रखने की अपील की है। पुलिस आयुक्त की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि कई संगठनों ने बंद का आह्वान किया है, जबकि कुछ अन्य संगठनों ने पुलिस को सूचित किया है कि वे बंद का समर्थन नहीं कर रहे हैं। इस संबंध में पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार है, लेकिन जबरन किसी दुकान, संस्थान या आवश्यक सेवा को बंद कराने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
उधर, केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने बुधवार को दिल्ली में आरोप लगाया कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार कावेरी मुद्दे पर राज्य के हितों की रक्षा करने में बार-बार विफल रही है और उसने अपनी ही कानूनी टीम को निर्णय लेने की प्रक्रिया से दूर रखा है।
वहीं, कावेरी जल विवाद पर मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा करना और अदालत के आदेशों का पालन करना, दोनों सरकार की जिम्मेदारी हैं। उन्होंने कहा कि 12,000 क्यूसेक पानी छोड़ने के आदेश की उन्हें जानकारी है और वह राज्य में पानी की आवक पर भी नजर रख रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि सिंचाई मंत्री और अधिकारियों से चर्चा के बाद वह आगे का फैसला करेंगे।
कर्नाटक बंद को देखते हुए बेंगलुरु में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। संवेदनशील और महत्वपूर्ण संस्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। लगातार पेट्रोलिंग और निगरानी की जा रही है। उधर, कर्नाटक के मांड्या समेत कावेरी क्षेत्र में विरोध-प्रदर्शन भी शुरू हो गए हैं।
कावेरी जल मुद्दे को लेकर राज्यव्यापी बंद का आह्वान करने के बाद पुलिस ने कोप्पल में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। विभिन्न कन्नड़ समर्थक संगठनों के साथ कर्नाटक ओक्कुटा के प्रदेश अध्यक्ष वाटाल नागराज ने बंद का नेतृत्व किया।
कावेरी जल विनियमन समिति (CWRC) ने कर्नाटक को 12 अगस्त से 15 दिनों तक रोजाना 12,000 क्यूसेक पानी तमिलनाडु के लिए छोड़ने को कहा है। कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) ने भी इस निर्देश का पालन करने को कहा है।
तमिलनाडु का कहना है कि उसे अपने हिस्से का पानी चाहिए और कर्नाटक पर्याप्त पानी नहीं छोड़ रहा है। कर्नाटक का विरोध यह है कि राज्य के अपने जलाशयों, किसानों और पेयजल की जरूरतों को देखते हुए रोजाना 12,000 क्यूसेक पानी छोड़ना मुश्किल है।
राज्य ने इस मात्रा को बहुत अधिक बताया है। इसी आदेश के विरोध में कर्नाटक में किसान और कन्नड़ संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं और 13 अगस्त को बंद का आह्वान किया गया है।