
अभिषेक बनर्जी(फोटो सोर्स- ANI)
Abhishek Banerjee: तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि जिन मुद्दों को विपक्षी दल पिछले कई महीनों से उठाते रहे हैं, अब उन्हीं से जुड़े आरोप चुनाव आयोग के दो अन्य चुनाव आयुक्तों की ओर से भी सामने आए हैं। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि ये आरोप तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी या किसी अन्य राजनीतिक दल की ओर से नहीं लगाए जा रहे हैं, बल्कि चुनाव आयोग के भीतर से उठ रहे हैं। उन्होंने SIR, मतदाता सूची, फॉर्म-6 और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े कई मामलों का हवाला देते हुए CEC से जवाब देने की मांग की।
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर आरोप है कि कुछ फैसले दूसरे दो चुनाव आयुक्तों को विश्वास में लिए बिना एकतरफा लिए गए। उन्होंने कहा कि संविधान के तहत मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों का दर्जा समान है और आयोग के फैसले पूरे बेंच की प्रक्रिया के तहत होने चाहिए। उन्होंने SIR के दौरान फॉर्म-6 से जुड़े बदलावों का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, दूसरे चुनाव आयुक्तों ने इन बदलावों और उनसे संबंधित कुछ प्रक्रियाओं की जानकारी होने से इनकार किया है। बनर्जी ने सवाल उठाया कि अगर कुछ काम बिना सभी चुनाव आयुक्तों की जानकारी के किए गए, तो यह किसके निर्देश पर हुआ और इसका फायदा किसे पहुंचा।
अभिषेक बनर्जी ने पश्चिम बंगाल की 150 विधानसभा सीटों का दावा करते हुए कहा कि इन सीटों पर मतदाता सूची से हटाए गए नामों और 'लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी' से जुड़े मामलों की संख्या संबंधित सीटों पर जीत के अंतर से ज्यादा थी। उन्होंने दावा किया कि अगर इन सीटों को अलग कर दिया जाए तो बीजेपी के खाते में 58 सीटें रह जाएंगी। उन्होंने चुनाव आयोग को चुनौती देते हुए कहा कि आयोग को चुनाव के दिन की सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करनी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से नंदीग्राम, भवानीपुर, राजारहाट-गोपालपुर और सादगाछिया जैसी सीटों की फुटेज दिखाने की मांग की।
अभिषेक बनर्जी ने चुनाव के बाद पश्चिम बंगाल में कुछ अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारियों का जिक्र करते हुए सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि तत्कालीन मुख्य निर्वाचन अधिकारी को बाद में मुख्य सचिव बनाया गया और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े कुछ अन्य अधिकारियों को भी महत्वपूर्ण पद मिले। उन्होंने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार की एक निजी बैंक के चेयरमैन पद पर नियुक्ति का भी जिक्र किया और पूछा कि उन्हें यह पद किस आधार पर मिला।
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि अगर मुख्य चुनाव आयुक्त की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं तो जवाब बीजेपी नेताओं की ओर से नहीं, बल्कि चुनाव आयोग और स्वयं CEC की ओर से आना चाहिए।
Updated on:
01 Oct 2026 06:53 pm
Published on:
01 Oct 2026 06:10 pm
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