Karnataka CM post tussle: जी परमेश्वर ने कहा कि वे इस मुद्दे पर कोई विवाद नहीं चाहते। उन्होंने कहा कि मेरे समर्थक और शुभचिंतक मेरे लिए मुख्यमंत्री पद की मांग करते हैं...
Karnataka political crisis: कर्नाटक में सीएम पद को लेकर लगातार खींचतान चल रही है। इसी बीच प्रदेश के गृह मंत्री जी परमेश्वर के बयान से राजनीतिक हलचल तेज हो गई। उन्होंने नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चल रही अटकलों के बीच कहा कि वे किसी तरह का भ्रम पैदा नहीं करना चाहते। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके समर्थक भले ही उन्हें मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर रहे हों, लेकिन अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान ही करेगा।
गुरुवार को मीडिया से बातचीत में जी परमेश्वर ने कहा कि वे इस मुद्दे पर कोई विवाद नहीं चाहते। उन्होंने कहा कि मेरे समर्थक और शुभचिंतक मेरे लिए मुख्यमंत्री पद की मांग करते हैं, नारे लगाते हैं, लेकिन इस पर निर्णय हाईकमान को ही लेना है। अभी इस पर चर्चा का कोई मतलब नहीं है।
उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने इस पद के लिए कोई लॉबिंग नहीं की है और न ही इस सिलसिले में दिल्ली गए हैं।
जी परमेश्वर ने कहा कि वे अपने समर्थकों को कई बार ऐसी मांगें उठाने से रोक चुके हैं, यहां तक कि डांटा भी है, लेकिन भावनाएं व्यक्त करने से उन्हें पूरी तरह रोका नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि मैं राज्य में भ्रम की स्थिति पैदा करने वालों में शामिल नहीं होना चाहता।
वहीं इस दौरान उन्होंने दलित सीएम की मांग पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लोग अपनी भावनाएं व्यक्त करते हैं, इसमें गलत कुछ नहीं है। बता दें कि राज्य में सत्तारूढ़ पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर चल रही चर्चा के बीच यह बयान अहम माना जा रहा है।
सरकारी नौकरी के अभ्यर्थियों के विरोध प्रदर्शन पर उन्होंने कहा कि यह गंभीर मुद्दा है और कैबिनेट इस पर विचार करेगी। उन्होंने आगे कहा कि सरकार युवाओं को कौशल और शिक्षा देने के साथ-साथ रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और रिक्त पद चरणबद्ध तरीके से भरे जाएंगे।