
राज्यसभा में कांग्रेस को मिलेगी बढ़त (Photo-IANS)
Rajya Sabha Election: अप्रैल 2026 में राज्यसभा की 37 सीटें खाली हो रही हैं। इनके चुनावों की तारीख का भी ऐलान हो गया है। 16 मार्च को मतदान होगा। वहीं नामांकन की आखिरी तारीख 5 मार्च है। चुनावों की तारीख के ऐलान के बाद उच्च सदन के लिए पार्टियों का सियासी समीकरण लगाना तेज हो गया है। यदि कांग्रेस की बात करें तो उसके 4 सांसदों का कार्यकाल पूरा हो रहा है। हालांकि अब देखना होगा कि पार्टी पुराने चेहरों पर विश्वास जताती है या फिर नए लोगों को मौका मिलेगा।
इन 37 सांसदों में कांग्रेस के अभिषेक मनु सिंघवी, केटीएस तुलसी, फूले देवी नेताम और रजनी पाटिल का कार्यकाल खत्म हो रहा है। हालांकि इनमें से अभिषेक मनु सिंघवी का दोबारा से राज्यसभा जाना संभव लग रहा है। लेकिन अन्य नामों पर चर्चा की जा सकती है।
बता दें कि अप्रैल के बाद इसी साल जून में 24 और नवंबर में 11 राज्यसभा सीटें भी खाली हो रही है। जून में कांग्रेस की चार सीटें खाली होंगी। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की सीट भी शामिल है। बताया जा रहा है इस साल राज्यसभा में कांग्रेस का वर्चस्व बढ़ने वाला है। फिलहाल राज्यसभा में कांग्रेस के 27 सांसद हैं।
बताया जा रहा है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी का राज्यसभा जाना तय माना जा रहा है। दरअसल, गांधी परिवार के लिए सिंघवी बहुत महत्वपूर्ण है, इसका इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि 2024 में राज्यसभा चुनाव में हिमाचल प्रदेश से अभिषेक मनु सिंघवी को क्रॉस वोटिंग से हार का सामना करना पड़ा था।
इसके बाद राहुल गांधी ने तेलंगाना सीएम रेवंत रेड्डी को फोन किया था और कहा कि अपने सीटिंग सांसद से सीट खाली कराइए और अभिषेक मनु सिंघवी को राज्यसभा भेजिए। इसके बाद तेलंगाना से सिंघवी को राज्यसभा भेजा गया।
हिमाचल प्रदेश की एक सीट पर भी मुकाबला दिलचस्प माना जा रहा है। इस सीट से कयास लगाया जा रहा है कि कांग्रेस पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रतिमा सिंह या फिर वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा को राज्यसभा भेज सकती है। हिमाचल में कांग्रेस के 40 विधायक है और जीत के लिए 35 वोट चाहिए। ऐसे में इस जगह से कांग्रेस की जीत पक्की मानी जा रही है।
कांग्रेस के सामने सबसे ज्यादा हरियाणा की सीट को लेकर है। दरअसल, 2022 के राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी अजय माकन को हार का सामना करना पड़ा था। इसमें क्रॉस वोटिंग से कांग्रेस उम्मीदवार को हार का सामना करना पड़ा था।
हरियाणा को लेकर पार्टी के सामने सबसे बड़ी चिंता का विषय है वो विधायकों की क्रॉस वोटिंग है। माना जाता है कि प्रदेश की सीट पर किसी भी बाहरी नेता को पसंद नहीं किया जाता है, जो भी पार्टी बाहर से प्रत्याशी लाती है। उसे हार का सामना करना पड़ता है।
इस बार भूपेंद्र हुड्डा के सालाना भोज से भी राज्यसभा चुनाव को देखा जा रहा है। इसमें कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी शामिल हुई थीं। माना जा रहा है कि या तो भूपेंद्र हुड्डा को राज्यसभा भेजा जा सकता है।
Published on:
25 Feb 2026 02:10 pm
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