डिप्टी सीएम के भाई डीके सुरेश ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व ने शिवकुमार से संयम बरतने को कहा है और आश्वासन दिया है कि मामला समय आने पर सुलझा लिया जाएगा।
Karnataka CM crisis: कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर जारी खींचतान एक बार फिर सामने आ गई है। मंगलवार को उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के भाई और पूर्व सांसद डीके सुरेश के बयान के बाद सियासी हलचल तेज हो गई। सुरेश ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शिवकुमार को भरोसा दिलाया है कि इस मुद्दे पर “उचित समय पर” फैसला लिया जाएगा।
डिप्टी सीएम के भाई डीके सुरेश ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व ने शिवकुमार से संयम बरतने को कहा है और आश्वासन दिया है कि मामला समय आने पर सुलझा लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि मैसूरु में हुई बैठक के दौरान राहुल गांधी ने भी यही कहा कि सही समय पर उचित निर्णय लिया जाएगा।
सुरेश ने शिवकुमार को पार्टी के प्रति समर्पित कार्यकर्ता बताते हुए कहा कि उनका रुख सरकार की स्थिरता और कांग्रेस के सभी 140 विधायकों को एकजुट रखने की सोच से प्रेरित है। उन्होंने कहा, “पार्टी और विधायकों के हित में, और सभी 140 विधायकों को साथ रखने के लक्ष्य के साथ, वह पार्टी के फैसले का धैर्यपूर्वक इंतजार कर रहे हैं।”
वहीं 2028 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए सुरेश ने कांग्रेस में एकता को बेहद जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि शिवकुमार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भी हैं और पार्टी अनुशासन बनाए रखना उनकी पहली जिम्मेदारी है, जिसे वह पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं।
बता दें कि कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर अटकलें तब तेज हुईं जब कांग्रेस सरकार ने 20 नवंबर 2025 को अपने पांच साल के कार्यकाल का आधा सफर पूरा किया। चर्चा इस बात को लेकर है कि 2023 में सरकार गठन के समय मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच कथित तौर पर सत्ता-साझेदारी को लेकर कोई समझ बनी थी। शिवकुमार पहले भी कह चुके हैं कि इस मुद्दे पर कांग्रेस हाईकमान से बातचीत हो चुकी है और फैसला लिया जा चुका है, लेकिन उसके अमल के समय को लेकर स्थिति साफ नहीं है।
इस बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि यदि कांग्रेस हाईकमान बुलाता है तो वह नेतृत्व के मुद्दे पर चर्चा के लिए दिल्ली जाने को तैयार हैं। उन्होंने कहा, “अगर कांग्रेस हाईकमान बुलाएगा तो मैं जाऊंगा।” साथ ही उन्होंने जोर दिया कि फिलहाल ध्यान शासन और कामकाज पर होना चाहिए।"