Karnataka Politics: कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद सिद्धारमैया ने कांग्रेस हाईकमान के सामने बड़ी मांग रखी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने अपने बेटे यतींद्र सिद्धारमैया को उपमुख्यमंत्री बनाने की पैरवी की है। वहीं डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता लगभग साफ माना जा रहा है।
Siddaramaiah: कर्नाटक की राजनीति में सत्ता परिवर्तन के बाद अब नए समीकरण तेजी से बनते दिखाई दे रहे हैं। मुख्यमंत्री पद छोड़ने के तुरंत बाद सिद्धारमैया ने कांग्रेस नेतृत्व के सामने एक बड़ी राजनीतिक मांग रख दी है। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो सिद्धारमैया ने अपने बेटे और विधान परिषद सदस्य यतींद्र सिद्धारमैया को राज्य का उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग रखी है। आपको बता दें कि गुरुवार को सिद्धारमैया ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। शुक्रवार को राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने उनका इस्तीफा स्वीकार भी कर लिया। इसके बाद अब यह लगभग तय माना जा रहा है कि डीके शिवकुमार कर्नाटक के अगले मुख्यमंत्री होंगे। गुरूवार को ही इस्तीफे के बाद सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार दिल्ली पहुंचे थे।
दिल्ली में शुक्रवार को सिद्धारमैया ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात की। इस दौरान उनके साथ मंत्री प्रियांक खड़गे, के.जे. जॉर्ज और उनके बेटे यतींद्र सिद्धारमैया भी मौजूद रहे। इससे पहले उन्होंने सोनिया गांधी और राहुल गांधी से भी अलग-अलग मुलाकात की थी। रिपोर्ट्स के अनुसार सिद्धारमैया ने कांग्रेस नेताओं के साथ हुई बैठकों में आलाकमान को यह भी बताया कि वरिष्ठ नेता के.जे. जॉर्ज और जी. परमेश्वर ने कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनने का प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि कांग्रेस हाईकमान नए मंत्रिमंडल और उपमुख्यमंत्री पद को लेकर क्या फैसला लेता है।
कर्नाटक के सीएम पद के इस्तीफे के बाद पूर्व सीएम सिद्धारमैया ने सोशल मीडिया साइट पर भावुक पोस्ट लिखा था। उन्होंने कहा कि पहले भी कई बार यह बात दोहराई थी कि जब भी पार्टी उनसे पद छोड़ने के लिए कहेगी, वह बिना किसी विवाद के इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आलाकमान ने दो दिन पहले उन्हें जिम्मेदारी छोड़ने का संकेत दिया था, जिसके बाद उन्होंने अपना इस्तीफा सौंप दिया। सिद्धरमैया ने यह भी कहा कि वह राजनीति से दूर नहीं होने वाले हैं। उन्होंने कहा कि उनकी रुचि राष्ट्रीय राजनीति में नहीं है और वह कर्नाटक की जनता के बीच रहकर काम करना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि पार्टी नेतृत्व ने उन्हें राज्यसभा भेजने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन उन्होंने इसे विनम्रता से ठुकरा दिया।
सिद्धरमैया ने कहा कि जनता ने उन्हें पांच साल के लिए विधायक चुना है और उनका कार्यकाल अभी बाकी है। ऐसे में वह अपने विधानसभा क्षेत्र और राज्य के लोगों के लिए काम जारी रखेंगे। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में भी वह कर्नाटक की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते रहेंगे।