J&K Weather Forecast 22-23 May 2026: जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट है। अगले 24 घंटे में 70 की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
भीषण गर्मी के बाद जम्मू-कश्मीर में पिछले 24 घंटे से मौसम पूरी तरह बदल गया है। हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही हैं।
दिन के तापमान में 3-6 डिग्री तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि रातें भी सामान्य से गर्म रही हैं। कई इलाकों में पानी भर जाने और तेज हवाओं से आम जनजीवन प्रभावित हुआ है।
मौसम विभाग के अनुसार, कश्मीर घाटी में दिन का तापमान सामान्य से 1-6 डिग्री ऊपर रहा। जम्मू क्षेत्र में तो यह बढ़ोतरी 3-6 डिग्री तक पहुंच गई। सबसे गर्म जगह काठुआ रहा, जहां पारा 44.4 डिग्री तक चढ़ गया।
श्रीनगर में भी दिन का अधिकतम तापमान 30.3 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। रात का न्यूनतम तापमान भी ऊपर रहा। कश्मीर में कई जगहों पर 1-4 डिग्री और जम्मू में 2-4 डिग्री ज्यादा रहा। सबसे ठंडी जगह गुलमर्ग रही जहां रात का तापमान 6.4 डिग्री रहा, जबकि भदेरवाह में 13.5 डिग्री दर्ज किया गया।
बारिश की बात करें तो पूरे क्षेत्र में कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई। सोनमर्ग में सबसे ज्यादा 21.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि बारामूला के कृषि केंद्र में 18 मिलीमीटर पानी गिरा।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए भारी चेतावनी जारी की है। पूरे जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना है।
वहीं, कुछ इलाकों में 50-60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिसकी स्पीड 70 किलोमीटर तक पहुंच सकती हैं।
ऐसे में यातायात, कृषि और बिजली व्यवस्था पर इसका असर पड़ सकता है। लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।
22 और 23 मई को भी मौसम ऐसा ही रहने वाला है। जम्मू और कश्मीर में कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहेंगी। 24 मई के बाद बारिश की तीव्रता कुछ कम हो सकती है, लेकिन पूरी तरह से मौसम साफ होने में अभी समय लगेगा।
जो लोग इस समय घाटी घूमने आए हैं, उन्हें पहाड़ी रास्तों पर सावधानी बरतनी चाहिए। तेज हवाओं और अचानक बारिश से सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं।
किसान खड़ी फसलों की सुरक्षा का खास ध्यान रखें। बागवानी क्षेत्र में भी नमी ज्यादा होने से कुछ बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ सकता है।
स्थानीय प्रशासन ने निचले इलाकों में जलभराव की आशंका जताई है। नदियों और नालों के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है। स्कूलों और कॉलेजों के समय में भी बदलाव हो सकता है, इसलिए अभिभावक अपडेट चेक करते रहें।