
Kathua Pakistani drone intrusion: जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती इलाकों में आंतकियों की घुसपैठ की खबर मिलते ही सुरक्षा बलों ने सर्च अभियान तेज कर दिया। पूंछ के जंगलों में दो आतंकी गुटों की मौजूदगी की खबर के बाद सुरक्षा बल जंगलों की खाक छानने में जुट गए हैं। दूसरी तरफ कठुआ में पाकिस्तानी ड्रोन ने सीमा पार से घुसपैठ की कोशिश की। दोनों घटनाओं के बाद से इलाके में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
दरअसल, खुफिया एजेंसियों को सूचना मिली थी कि सीमा पार से पाकिस्तानी आतंकियों के गुट ने भारतीय सीमा में प्रवेश किया है।
खुफिया एजेंसियों से मिली सूचना के आधार पर पूंछ जिले के सुरनकोट इलाके में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। जम्मू-कश्मीर पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) और राष्ट्रीय राइफल्स के जवानों ने धारा संगला, गुज्जर नार और खेरोवाली ढोक में सघन छापेमारी की। हालांकि अभी तक सुरक्षा बलों का सीधा सामना आतंकियों से नहीं हुआ है, लेकिन तलाशी अभियान लगातार जारी है। इसके अलावा मेंढर तहसील के कालाबन और आस-पास के इलाकों में भी छानबीन हुई, फिलहाल यहां किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
दूसरी तरफ, कठुआ जिले के हीरानगर सेक्टर में पाकिस्तानी ड्रोन दाखिल हो गया। दोपहर करीब 2 बजे एक पाकिस्तानी ड्रोन बोबियां इलाके के शुखमल, देविंदरा और तापन गांवों के ऊपर मंडराते देखा गया। BSF के जवानों ने फौरन ड्रोन को गिराने की कोशिश शुरू कर दी, लेकिन ड्रोन काफी ऊंचाई पर होने की वजह से पकड़ में नहीं आया और वापस सीमा पार लौट गया। इसके बाद BSF और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मिलकर पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया, ताकि पता चल सके कि ड्रोन ने कोई हथियार, विस्फोटक या संदिग्ध सामान तो नहीं गिराया।
पाकिस्तान की तरफ से ये सारी कोशिश तब कि जा रही है, जब पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में हालात खराब हैं। वहां लगातार पाक फौज के विरुद्ध प्रदर्शन हो रहे हैं। कहा जा रहा है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी उस मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए भारत में बड़ी आतंंकी वारदात के फिराक में है।
पाकिस्तान ने हाल के दिनों में भारत से लगती सीमा पर करीब 250 चीन निर्मित SH-15 तोपें तैनात की हैं। ये तोपें पाकिस्तान के गुजरांवाला, सियालकोट और जलालपुर जट्टान सेक्टर में तैनात बताई जा रही हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को साप्ताहिक ब्रीफिंग में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान को करारा जवाब दिया गया था। उन्होंने कहा कि सीमा पार आतंकवाद रुकना चाहिए और भारत अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए जो भी जरूरी होगा वह करेगा।